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जैव विविधता के प्रतिरूप , कारण , परितंत्र में महत्व Biodiversity patterns in hindi

Biodiversity patterns in hindi जैव विविधता के प्रतिरूप कारण , परितंत्र में महत्व : [1]अक्षांशीय प्रवणता (Latitudinal gradient) : भूमध्य रेखा के उत्तर व दक्षिण का 3.5 अक्षांश का क्षेत्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्र कहलाता है यहां वर्षा अधिक होने से जैव विविधता ज्यादा होती है परंतु भूमध्य रेखा के दोनों ओर 66.5 डिग्री अक्षांश तक जाने… Continue reading »