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द्रव क्रिस्टल, द्रव एवं ठोस में अन्तर (DIFFERENCE BETWEEN LIQUID CRYSTAL, LIQUID AND SOLID in hindi)

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(DIFFERENCE BETWEEN LIQUID CRYSTAL, LIQUID AND SOLID in hindi) द्रव क्रिस्टल, द्रव एवं ठोस में अन्तर क्या है ?

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admin Selected answer as best October 1, 2022
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द्रव क्रिस्टल  (LIQUID CRYSTALS)

सामान्यतया ठोस पदार्थ गर्म करने पर एक निश्चित ताप (गलनांक बिन्दु M.P.) पर ठोस से द्रव अवस्था में पारवातत हा जात है, लेकिन कछ ठोस ऐसे होते हैं जो गर्म करने पर दो प्रावस्थाओं में बदलते हैं. पहल एक नाश्चत ताप पर धुंधला गाढ़ा-सा द्रव ‘आविल’ (turbid) बनाते हैं जो और गर्म करने पर फिर एक निश्चित ताप पर स्वच्छ द्रव अवस्था में आता है। ठोस पदार्थ से द्रव पदार्थ में बदलने के दौरान यह जो बीच की मध्यवर्ती अवस्था होती है उसे मीसोमॉर्फिक अवस्था (Mesomorphic State) कहत है। कल तीन नहीं वरन् चार अवस्थाएं होती हैं :

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ठोस अवस्था , -à मीसोमॉर्फिक अवस्था ,à द्रव अवस्था -à गैसीय अवस्था

और इनका प्रावस्था आरेख (Phase diagrame) चित्र 4.11 (b) जैसा प्राप्त होता है जबकि साधारण पदार्थों का 4.11 (a) जैसा आरेख प्राप्त होता है।

मीसोमॉर्फिक अवस्था में पदार्थ विषमदैशिकता का गुण दर्शाते हैं जो कि क्रिस्टलीय ठोस पदार्थों का अभिलाक्षणिक गुण है अतः इस अवस्था को द्रव क्रिस्टल कहते हैं।। –

इस प्रकार का गुण दर्शाने वाले पदार्थ सामान्यतया लम्बी श्रृंखला वाले ऐसे कार्बनिक अण होते हैं जिनके । सिरे पर —OR,_HNR या —COOR जैसे समूह हों और मध्य में -C=N-, -N=NO-C=c_जैसे समूह हों। सन् 1888 में पहली बार इस गुण का प्रेक्षण कोलेस्टीराइल बेन्जोएट (Cholestervl benzoate) C6 H5 COOC27H45 में किया गया था।

145°C                                                          178°C

p-कोलेस्टीराइल बेन्जोएट   ⇌  p-कोलस्टीराइल बेन्जोएट  ⇌ p–कोलेस्टीराइल बेन्जोएट

संक्रमण ताप                                          गलनांक

(ठोस अवस्था)           (द्रव क्रिस्टल या मीसोमॉर्फिक अवस्था)         (द्रव अवस्था)

यह प्रक्रम उत्क्रमणीय होता है अर्थात् द्रव अवस्था को गलनांक बिन्दु तक ठण्डा करने पर वह मीसोमॉर्फिक अवस्था में आता है जबकि संक्रमण ताप तक ठण्डा करने पर वह ठोस अवस्था में आता है। इस गण को दर्शाने वाले यौगिक अत्यन्त स्थायी होते हैं और वे गर्म करने पर विघटित नहीं होते। इस प्रकार के कछ अन्य पदार्थ निम्न सारणी में दिए जा रहे हैं :

सारणी 4.3. द्रव क्रिस्टल लक्षण दर्शाने वाले कुछ प्रारूपिक यौगिक

यौगिक संक्रमण ताप (C) गलनांक (C)
1.       ऐनीसैल्डेजीन CH3OC6H4-CH=N -N=CH-C6H4– OCH3

2.   p-ऐजॉक्सी ऐनीसॉल CH3O –C6H4, NO – N-C6H4, OCH3,

3.   p-ऐजॉक्सीफेनीटॉल C2H5O-C6H4-NO – N-C6H4-OC2H5

4.   डाइएथिल बेन्जीडीन C2H5,NH-C6H4C6 H4 – NH

5.   p-मेथॉक्सी सिनैमिक अम्ल CH30-C6H4-CH=CH-COOH

6.   मर्करी डाइ (p-एथॉक्सी बेन्जल ऐमीनोफेनिल) Hg (C6,H4.N=CH C6H4 OC2H5)2

165

 

 

 

116

 

 

 

137

 

 

115

 

 

170

 

 

 

 

204

180

 

 

 

137

 

 

 

167

 

 

120

 

 

 

186

 

 

 

272

द्रव क्रिस्टल, द्रव एवं ठोस में अन्तर (DIFFERENCE BETWEEN LIQUID CRYSTAL, LIQUID AND SOLID)

सारणी 4.4. ठोस, द्रव व द्रव क्रिस्टल के गुणों की तुलना

क्रम संख्या गुण ठोस द्रव द्रव क्रिस्टल
1.

 

 

2.

 

 

 

3.

 

 

4.

 

 

 

5.

गतिशीलता (Mobility)

 

पृष्ठ तनाव (Surface Tension)

 

श्यानता (Viscosity)

 

तरलता (Fluidity)

 

 

विषमदैशिकता या सम- दैशिकता (Anisotropy or Isotropy)

इनमें प्रदर्शित नहीं होती।

 

इनमें नहीं होता है।

 

 

इनमें प्रदर्शित नहीं होती है।

 

इनमें नहीं होती है।

 

 

ये विषमदैशिकता दर्शाते हैं ये द्विविवर्तन इनमें द्विविवर्तन (double refraction) दर्शाते दर्शाते हैं और धुवित प्रकाश व्यतिकरण (Inter ference) पैटर्न दर्शाते हैं।

इनमें प्रदर्शित होती है।

 

इनमें होता है।

 

 

 

इनमें प्रदर्शित होती है।

 

इनमें होती है।

 

 

 

ये समदैशिक होते हैं अतः इनमें द्विविवर्तन एवं व्यतिकरण का प्रदर्शन नही होता है

इनमें भी प्रदर्शित होती है।

 

इनमें भी होता है।

 

 

 

इनमें भी प्रदर्शित होती है।

 

इनमें भी होती है।

 

 

 

ये विषमदैशिक होते हैं। अतः ये द्विविवर्तन दर्शाते  और ध्रवित प्रकाश के साथ व्यतिकरण पैटर्न बनाते है

admin Selected answer as best October 1, 2022
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