फास्फोरस पेन्टा क्लोराइड (PCl5) Phosphorus penta chloride

फास्फोरस पेन्टा क्लोराइड (PCl5) Phosphorus penta chloride

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Phosphorus penta chloride फास्फोरस पेन्टा क्लोराइड (PCl5) : 

बनाने की विधि :
1. श्वेत फास्फोरस की क्रिया क्लोरीन से करने पर –
P4 + 10Cl2 → 4PCl5
2. फास्फोरस की क्रिया सल्फ्यूरिक क्लोराइड से करने पर –
P4 + 10SO2Cl2 → 4PCl2 + 10SO2
गुण :
1. यह हल्के पिले रंग का ठोस पदार्थ है।
2. जल से क्रिया
PCl + 4H2O → 5HCl + H3PO4
3. धातुओं से क्रिया –
2Ag + PCl5 → 2AgCl + PCl3
Sn + 2PCl5 → SnCl4 + 2PCl3
4. गर्म करने पर यह वियोजित हो जाता है –
PCl5   →(गर्म करने पर)  PCl3 + Cl2
5. एथिल एल्कोहल (C2H5-OH) से क्रिया –
C2H5-OH + PCl5 → C2H5-Cl  + POCl3 + HCl
6. ऐसिटिक अम्ल से क्रिया –
CH3COOH + PCl5 → CH5-COCl + POCl3 + HCl
(PCl5) की संरचना :
1. (PCl5में केंद्रीय परमाणु P का SP3d संकरण होता है।
2. इसकी ज्यामिति त्रिभुजीय द्वी पिरामिडी होती है।
3. इसमें तीन निरक्षीय बंध होते है जबकि दो बंध अक्षीय बन्ध कहलाते है।
4. निरक्षीय बंधो की बन्ध लम्बाई कम तथा अक्षीय बंधो की बन्ध लम्बाई ज़्यादा होती है।
5. अक्षीय बंध निरक्षीय बंधो से अधिक प्रतिकर्षित होते है अतः अक्षीय बन्ध की बंध लम्बाई अधिक होती है।
6. यह संरचना असममित होने के कारण PClको गर्म करने पर यह वियोजित हो जाता है।
7. ठोस अवस्था में यह आयनित होता है क्योंकि ठोस अवस्था में यह PCl4+ (चतुष्फलकीय ) तथा PCl6 (अष्ठफलकीय ) आयनों से मिलकर बना होता है।