फेरोमोन – अंतः जातीय संचारक क्या है | सेक्स फेरोमोन , सचेतक , अशन प्रलोभक (कैरोमोन) Pheromone in hindi

By  

Pheromone in hindi pheromones फेरोमोन – अंतः जातीय संचारक क्या है | सेक्स फेरोमोन , सचेतक , अशन प्रलोभक (कैरोमोन) ?

क. फेरोमोन – अंतः जातीय संचारक
फेरोमोन किसी जीव द्वारा बहिरूस्रावित पदार्थ है तथा ये समान प्रजाति के अभिग्राही जीव में एक विशिष्ट प्रतिक्रिया उत्पन्न करते हैं। समान प्रजाति के सदस्यों के बीच ऐसी प्रतिक्रियाओं में संकट सूचना, यौनाकर्षण, समुच्चयन या अनुसरण अथवा कार्यिकी विकास में विशिष्ट परिवर्तन (जैसे सेक्स निर्धारण या परिपक्वन इत्यादि) शामिल हैं। समाकलित पीड़क प्रबंधन में सहवास व्यवहारों की शुरुआत तथा नियंत्रित करने वाले सेक्स फेरोमोनों का सर्वाधिक गहन रूप से अध्ययन किया गया है। फेरोमोन लक्ष्य विशिष्ट होते हैं तथा इनका प्रयोग अति निम्न दरों पर किया जाता है।

प) सेक्स फेरोमोन
सेक्स फेरोमोन सामान्यतरू मादा द्वारा नर को सहवास के लिए आकृष्ट करने के उत्पादित पदार्थ हैं। सैक्स फेरोमोन कीट वर्ग में व्यापक रूप से पाए जाते हैं (तालिका 11.3) तथा लेपिडोप्टेरा (तितलियां तथा शलभों (पतंगे)) में ये अपने चरम विकास पर पहुंच गए प्रतीत होते हैं जहां वे 170 से अधिक प्रजातियों में प्रदर्शित हुए हैं। अधिकांश लेपिडोप्टेरों में, इन सेक्स फेरोमोनों का निस्राव मादा कीट के अन्त सिरे पर स्थित बहिवर्तनीय ग्रंथियों (मअमतेपइसम हसंदके) द्वारा किया जाता है तथा विशिष्ट रूप से नर श्रृंगिका (ंदजमददं) के विशिष्ट संवेदी अभिग्राहियों द्वारा अभिग्राह्य किया जाता है जो अधिकांश नर पतंगों (शलभों) में इन अंगों के अति विकास का कारण है। कोलियोप्टेरा (भंगों) के सेक्स फेरोमोनों की रासायनिक संरचना भिन्न है। डिप्टेरा (मक्खियां तथा मच्छर) के सेक्स फेरोमोनों की अधिक जानकारी प्राप्त नहीं हैं। सेक्स फेरोमोन मादा के उदर के अन्त्य भाग में खुलने वाली विशिष्ट ग्रंथियों द्वारा विशिष्ट रूप से उत्पादित होते हैं तथा नर अंगिका के विशिष्ट रसायन संवेदी सेंसिला द्वारा अनुभव किए जाते हैं। बॉम्बिक्स मोरी रिशम का कीड़ा) में सेंसिला फेरोमोन के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, नर अनुक्रिया की आरम्भिक सीमा 1 से.मी. हवा में मादा फेरामोन के 10,000 अणु हैं।

तालिका 11.3 रू कुछ महत्वपूर्ण कीट फेरोमोन तथा रासायनिक आकर्षक
कीट प्रजाति यौगिक का आम नाम यौगिक का स्वरूप
1. रेशम का कीड़ा (बाम्बिक्स मोरी) बाम्बीकोल फेरोमोन
2. जिप्सी शलभ (लिमेंट्रिया डिस्पर) डिस्परल्योर फेरोमोन
3. गुलाबी सूंडी (पेक्टिनोफोरा गोसीपाईला) गोसिपल्योर फेरोमोन
4. कॉटन बोल वीविल (एंथोनोमस ग्रैंडिस) ग्रैंडल्योर फेरोमोन
5. पाईन भंग (डेंड्रोक्टोनस प्रजाति) फ्रेंटेलिन ब्रेविकोमिन फेरोमोन
6. ओरिएंटल फल-मक्खी (डेकस मेथिल यूजेनोल मेथिल यूजेनोल खाद्य प्रलोभक/आकर्षक
डोरसालिस)
7. मेलन फ्लाई (डेकस कुकुरबिटे) क्यू प्रलोभक खाद्य प्रलोभक/आकर्षक

पप) सचेतक फेरोमोन
सचेतक फेरोमोन का स्त्राव चिबुक ग्रंथियों (उंदकपइनसंत), गुदा ग्रंथियों (ंदंस हसंदके) अथवा दंशन तंत्र (ेजपदह ंचचंतंजने) द्वारा होता है तथा यह विशिष्ट रूप से पलायन या आक्रमण का प्रेरण करते हैं। डोलीकोडेरिन चींटियों का एक विशिष्ट सचेतक फेरोमोन 2 मेथिल्हेप्टानोन है जो कुचली हुई कर्मी चींटियों की फल के समान गंध के लिए उत्तरदायी है और आसपास के क्षेत्रों में सभी कर्मी चींटियों में तत्काल अस्त व्यस्त तथा अनिश्चित व्यवहार उत्पन्न करते हैं। जब कोई चींटी अनामंत्रित इस क्षेत्र में प्रवेश करती है तो इन फेरोमोनों का स्त्राव होता है और यह चींटियाँ अनामंत्रित अंकित हो जाती हैं। ट्रांस-बेटाफार्नेसेन को ऐफिड (पौधों की लीख) के एक अंतरा जातीय सचेतक फेरोमोन के रूप में पहचाना गया है।

पपप) पथ चिन्हांकन फेरोमोन
पथ चिन्हांकन फेरोमोन भोजन की खोज में निकली चींटियों तथा दीमक द्वारा स्त्रावित निम्न स्थायित्व वाले पदार्थ हैं। जैसे फोर्मिका प्रजाति की चींटी पथ चिन्हांकन के रूप में. फोर्मिक अम्ल का प्रयोग करती प्रतीत होती है। चींटियों के पथ चिन्हांकन फर्श पर तथा हमारे घरों की दीवार पर सहज नजर आ जाते हैं जहां चींटियां एक ही कतार में दूसरी चींटी के पीछे एक ही पथ पर चलती हैं। आइसोप्टेरा (दीमक) में पथं चिन्हांकन फेरोमोन के रूप में विभिन्न पदार्थों का वर्णन किया गया है जैसे जुटरमोपसिस प्रजाति में हेक्सानोइक अम्ल।

पअ) समुच्चयन फेरोमोन या संरोधक
ये रसायन या रासायनिक संयोजन हैं जो कीटों को एकत्रित होने या झुंड बनाने के लिए प्रेरित करते हैं। खपड़ा भृंग (ज्ञींचतं इममजसम) ट्रोगोडर्मा ग्रेनेरियम का समुच्चयन फेरोमोन वसा अम्ल एस्टर, मेथिल, तथा एथिल ओलिएट, एथिल पालमिटेट, एथिल स्टीरियेट तथा एथिल लिनोलिएट का मिश्रण बताया गया है। छाल भृंग (इंता इममजसम) वन तथा फलों के वृक्षों को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। छालभृगों को हटाने के लिए पाश के रूप में फेरोमोन मिश्रण मल्टील्योर का प्रयोग किया गया है। बोल विविल ग्रसन के मॉनीटरन के लिए तथा उसको हटाने के लिए पाश के रूप में ग्रैंडल्योर का व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है।

ख. अशन प्रलोभक (कैरोमोन)
अशन प्रलोभक अनेक पौधों तथा जन्तु परपोषियों में विद्यमान प्राकृतिक रासायनिक पदार्थ हैं जो पीड़क को आहार के लिए उपयुक्त स्थलों की ओर निर्देशित करते हैं। अशन प्रलोभक अभिविन्यास व्यवहार उत्पन्न करते हुए घ्राणेन्द्रिय प्रेरकों का कार्य करते हैं जिसमें कीट . सेक्स फेरोमोन के स्रोत के लिए खोज की भांति ही स्रोत. की तरफ ऊपर की ओर बढ़ता है। नर ओरिएंटल फूट फ्लाई डेकस डोसेलिस (Dacus dorsalis) की मेथिलयूजेनोल के प्रति अनुक्रिया इसी तरह की होती है तथा श्रृंगिका पर घ्राणेन्द्रिय अभिग्राहकों द्वारा निर्देशित होती है। अशन प्रलोभक या गंध प्रेरक उपयुक्त भोजन के पोषक संघटकों के सांकेतिक प्रतिनिधियों के रूप में कार्य करते हैं। जैसे रस-पोषक कीटों के लिए फूलों की गंध, . फाइंटोफेगस कीटों के लिए सुगंधित तेल मृतभोजिओं के लिए विघटन उत्पाद तथा रक्त चषक कीटों के लिए कार्बन-डाइऑक्साइड, जल तथा लैक्टिक अम्ल। मस्कॉ डोमेस्टिका (डनेबं कवउमेजपबं) (घरेलू मक्खी) के लिए अशन प्रलोभकों के विशिष्ट उदाहरणों में चीनी तथा प्रोपियोनाइट्राइल (Propionitrile) शामिल हैं।

ग. अंड निक्षेपण प्रलोभक (Oviposition lures)
अंडनिक्षेपण प्रलोभक प्राकृतिक रासायनिक पदार्थ हैं जो व्यस्क मादा द्वारा अंडनिक्षेपण के लिए स्थलों का चयन नियंत्रित करते हैं, जैसे धान के तना बेधक के लिए पी-मेथिलएसिटोफेनोन (p-methylacetophenone)

 प्रतिकर्षक (Repellents)
प्रतिकर्षकों को ऐसे रसायनों के रूप में परिभाषित किया गया है जो कीटों को अपने स्रोत से दूर जाने की गतिविधियां करने के लिए प्रेरित करते हैं अर्थात् ये वे रसायन हैं जो पौधों या जन्तुओं को अनाकर्षक, अस्वादिष्ट अथवा दुर्गन्धमय बनाकर उन्हें कीट क्षति से बचाते हैं। इन प्रतिकर्षकों में मनुष्यों को काटने वाली मक्खियों तथा मच्छरों से रक्षा करने के लिए सक्रिय वाष्पशील पदार्थों से रसायनों की व्यापक श्रृंखला शामिल है जैसे डायमेथिलथेलेट तथा 2-इथिल-1-3-हेक्सानेडिओल से स्थायी रसायन जैसे बोर्डिक्स मिश्रण तथा टेट्रामेथिलथियूरम डाइसल्फाइड जो पर्ण पोषकों (foliage feeders) के लिए खाद्य अवरोधकों का कार्य करते हैं। कुछ महत्वपूर्ण प्रतिकर्षक तालिका 11.4 में दिए गए हैं।

क. पर्णपोषकों के लिए प्रतिकर्षक
सर्वाधिक सफल पर्ण प्रतिकर्षक बोर्डिक्स मिश्रण है, जिसका अभिकल्पन फ्रांस में 1882 में किया गया था। बोर्डिक्स मिश्रण का उत्पादन कॉपर सल्फेट, जलीय चूने (हाइड्रेटेड लाइम) तथा जल से 6रू10रू100 अनुपात के मिश्रण में किया जाता है तथा यह फली भंगों, पत्ती फुदकों तथा आलू के सिलिड (potato psyllids) के लिए प्रतिकर्षक का कार्य करता है। कुछ नए पर्ण प्रतिकर्षकों में शामिल हैं टेट्रा-मेथिलथियूरम डाइसल्फाइड, जो जापानी भंग पोपिलिया जापोनिका द्वारा पोषण को विकर्षित करता है, तथा 4-(डाइ-मेथिलट्राइजेनो) एसेटेनिलिड जो पर्ण पोषी कीटों यथा बंदगोभी लूपर, कपास पर्ण कीट, कपास की चित्तेदार सुंडी, चित्तेदार खीरा भंग इत्यादि की व्यापक श्रृंखला के लिए एक पोषण प्रतिकर्षक या अवरोधक है।

अनेक कीटों के लिए प्राकृतिक रूप से उत्पन्न होने वाले पोषण विकर्षक या अवरोधक विद्यमान हैं तथा वे निसन्देह परपोषक के चयन एवं विशिष्टत्व में भूमिका निभाते हैं। अध्ययन किया गया सर्वोत्तम उदाहरण 6-मेथोक्सीबेन्जोक्साजोलिनोन (6-MBOA) है जो यूरोपीय मक्का बेधक द्वारा पोषण के लिए प्रतिरोधी मक्का की किस्मों में एक प्रमुख कारक है।

पर्ण विकर्षकों का प्रयोग पीड़क प्रबंधन कार्यक्रमों में कुछेक लाभ प्रदान करता है। कीट क्षति को रोकने के लिए इन रसायनों का अधिक विस्तृत क्षेत्र में फैलाव आवश्यक है।

तालिका 11.4 रू कुछ महत्वपूर्ण कीट प्रतिकर्षक
प्रजाति प्रतिकर्षक रसायन
1. मच्छर रूएनोफिलीज, डायमेथिल पथेलेट (Dimethyl phthalate)
क्यूलेक्स, एडीस स्प. (प्र.)
2. मक्खियां, पिस्सू, मच्छर 2-इथिल-1, 3-हेक्सानेडियोल एवं एन, एन
डाइ-इथिल एम-टोलुनाईड (डीट) (Deet)
3. पशुओं पर मक्खियां डायब्यूटिल सक्सीनेट (Dibutyl succinate)
4. बरूथी (चिगर्स) बेंजिल बेंजोएट (Beæyl beæoate)