JOIN us on
WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now

हिंदी माध्यम नोट्स

Categories: physics

न्यूटन का गति का प्रथम नियम (पहला) , newton first law of motion in hindi , गति का पहला नियम

newton first law of motion in hindi , जड़त्व और न्यूटन का गति का प्रथम नियम (पहला) क्या है , जडत्व का नियम किसे कहते है ? परिभाषा क्या है ?
: सबसे पहले हम बात करते है , जडत्व क्या होता है इसके बाद न्यूटन के पहले नियम के बारे में अध्ययन करेंगे।
जड़त्व (inertia) : जब कोई वस्तु विराम अवस्था में है या एक समान वेग से गतिशील है और इस पर कोई भी बाह्य बल कार्य नहीं कर रहा है तो वह वस्तु अपनी अवस्था को बनाएँ रखती है इसे ही जडत्व कहते है।
अर्थात वस्तु विराम अवस्था में है तो वह विराम अवस्था में रहेगी और एक समान गतिशील अवस्था में है तो वह एक समान गति से गतिशील रहेगी जब एक इस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे।
जडत्व का तात्पर्य है किसी बाह्य बल की अनुपस्थिति में वस्तु अपनी अवस्था को बनाए रखती है।
जड़त्व का अभिप्राय है ” अवस्था परिवर्तन के प्रति विरोध ”
उदाहरण : जब एक व्यक्ति हाथी को धक्का देने की कोशिश करता है तो वह नहीं दे पाता क्यूँकि यहाँ हाथी का वजन बहुत ज्यादा है या उसमे जडत्व अधिक पाया जाता है , द्रव्यमान जितना ज्यादा होता है जड़त्व उतना ही अधिक होता है अर्थात ‘जडत्व वस्तु के द्रव्यमान के समानुपाती होता है। ‘
न्यूटन का प्रथम नियम वस्तु के जड़त्व गुण पर आधारित था इसलिए न्यूटन के पहले नियम को जडत्व का नियम भी कहते है।

न्यूटन का प्रथम नियम या जड़त्व का नियम

यदि कोई वस्तु विराम अवस्था में है तो वह विराम अवस्था में रहना चाहती है और यदि कोई वस्तु एक समान वेग से गतिशील है तो गतिशील रहना चाहती है जब तक की कोई बाह्य बल इसको अपनी अवस्था परिवर्तन के लिए विवस न कर दे।
उदाहरण : जब हम कार चलाते है और अचानक से ब्रेक लगाते है तो हमारे शरीर का ऊपर का भाग आगे की तरफ झुक जाता है क्योंकि जडत्व के नियमानुसार हमारा नीचे का सिरा तो कार के सम्पर्क में जुड़ा रहता है इसलिए अचानक से ब्रेक लगाने पर चार के साथ वह तो विराम अवस्था में आ जाता है लेकिन ऊपर का सिरा गतिशील अवस्था में रहता है और वह जडत्व के नियम के अनुसार गतिशील ही रहना चाहता है इसलिए आगे की तरफ गति करता है।
इसी प्रकार अचानक से कार शुरू करने पर हम पीछे की तरफ धक जाते है क्योंकि हमारे शरीर का उपरी भाग विराम अवस्था में रहता है लेकिन चार अचानक से शुरू होने पर हमारा नीचे का भाग गति करने लगता है और हमें पीछे की तरफ धक्का लगता है।
न्यूटन के इस नियम में स्पष्ट रूप से ” शून्य त्वरण ” की बात कही गयी है , क्योंकि वस्तु विराम अवस्था में हो या समान वेग से गतिशील हो दोनों ही अवस्था में त्वरण का मान शून्य होता है।  अर्थात त्वरण शून्य की अवस्था में वस्तु पर कोई बाह्य बल कार्य नहीं करता है अर्थात त्वरण शून्य होने पर बाह्य बल भी शून्य होता है।
न्यूटन का प्रथम नियम “जडत्वीय निर्देश तंत्र” के लिए ही मान्य है।
उदाहरण : यदि चित्रानुसार एक सिक्का रखा हुआ है तो परत को अचानक से खींचने पर सिक्का ग्लास में ही गिरा जाता है न की गत्ते के साथ गति करता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि अचानक से खींचने पर सिक्का अचानक से गतिशील अवस्था में नही आ पाता , जडत्व के नियम (न्यूटन के नियम) के अनुसार यह विराम अवस्था में ही रहना चाहता है , जब तक यह अपनी अवस्था बदले तब तक गत्ता निकल चूका होता है और यह अन्दर वही गिर जाता है।

गति का प्रथम नियम (newton’s first law of motion in hindi) : न्यूटन की गति के प्रथम नियम के अनुसार , प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिर अवस्था या एक समान सरल रेखीय गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है जब तक कि वस्तु पर कोई बाह्य बल आरोपित न करे।

वास्तव में न्यूटन का प्रथम नियम निर्देश तंत्र के बारे में जानकारी देता है। यह उस तंत्र के बारे में बताता है जिसके लिए न्यूटन यांत्रिकी लागू होती है। इस आधार पर हम न्यूटन के प्रथम नियम को समझा सकते है कि यदि वस्तु पर कार्यरत कुल बल शून्य है तो यह संभव है कि हम ऐसे निर्देश तंत्र की कल्पना करे जिसमे वस्तु का त्वरण शून्य है।

न्यूटन के प्रथम नियम को जडत्व का नियम भी कहते है। और इसके लिए जो निर्देश तन्त्र लेते है उसको जड़त्वीय निर्देश तन्त्र कहते है। सन 1803 में न्यूटन द्वारा लेटिन में लिखे गए नियम को अनुवादित किया गया है कि –

“प्रत्येक वस्तु अपनी स्थिरावस्था या एक समान सरल रेखीय गति को तब तक बनाये रखती है जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल नहीं लगाये। ”

न्यूटन के गति के प्रथम नियम के उदाहरण

  • एक बन्दूक की गोली कांच की खिड़की से गुजरने पर एक स्पष्ट छेद कर देती है जबकि एक पत्थर पूरे कांच को तोड़ देता है। गोली का वेग बहुत अधिक होता है। इसकी गति का जड़त्व बहुत अधिक होने के कारण यह कांच में स्पष्ट छेद कर देती है। जब पत्थर को फेंका जाता है तो इसका जडत्व कम होने के कारण यह कांच को काट नहीं पाता है।
  • बस में बैठा हुआ यात्री बस के चलने या रूकने पर अचानक धक्का महसूस करता है।

न्यूटन का गति विषयक प्रथम नियम

यदि कोई वस्तु विरामावस्था में है , तब वह विरामावस्था में ही रहेगी और यदि एक समान गति की अवस्था में है , तब उसी दिशा में एकसमान गति की अवस्था में रहेगी जब तक कि उस पर कोई बाह्य बल न लगाया जाए।
इस नियम को ‘गैलिलियो का नियम’ अथवा ‘जड़त्व का नियम’ भी कहते है।
नोट :
  • न्यूटन का गति विषयक प्रथम नियम बल की गुणात्मक परिभाषा देता है।
  • बाह्य असंतुलित बलों के अभाव में वस्तु में त्वरण शून्य होता है अर्थात त्वरण = 0 यदि और केवल यदि F = 0
Sbistudy

Recent Posts

Question Tag Definition in english with examples upsc ssc ias state pcs exames important topic

Question Tag Definition • A question tag is a small question at the end of a…

3 weeks ago

Translation in english grammer in hindi examples Step of Translation (अनुवाद के चरण)

Translation 1. Step of Translation (अनुवाद के चरण) • मूल वाक्य का पता करना और उसकी…

3 weeks ago

Report Writing examples in english grammer How to Write Reports explain Exercise

Report Writing • How to Write Reports • Just as no definite rules can be laid down…

3 weeks ago

Letter writing ,types and their examples in english grammer upsc state pcs class 12 10th

Letter writing • Introduction • Letter writing is an intricate task as it demands meticulous attention, still…

3 weeks ago

विश्व के महाद्वीप की भौगोलिक विशेषताएँ continents of the world and their countries in hindi features

continents of the world and their countries in hindi features विश्व के महाद्वीप की भौगोलिक…

3 weeks ago

भारत के वन्य जीव राष्ट्रीय उद्यान list in hin hindi IAS UPSC

भारत के वन्य जीव भारत में जलवायु की दृष्टि से काफी विविधता पाई जाती है,…

3 weeks ago
All Rights ReservedView Non-AMP Version
X

Headline

You can control the ways in which we improve and personalize your experience. Please choose whether you wish to allow the following:

Privacy Settings
JOIN us on
WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now