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hermite function in mathematical physics in hindi हरमाइट फलन का लाम्बिकता सम्बन्ध क्या है

हरमाइट फलन का लाम्बिकता सम्बन्ध क्या है सूत्र बताइए

 Hq(x) का उद्भव फलन (GENERATING FUNCTION OF Hq(x)) 

फलन exp (2xz – z2) को हरमाइट बहुपद का उदभव फलन कहा जाता है। इसके लिये चरघातांकी फलन के निम्न अनंत श्रेणी विस्तार सूत्र का उपयोग करते हैं ।

फलन exp (2xz-z2) का श्रेणी विस्तार करने पर.

k के नियत मान के लिये z” का गुणांक उपरोक्त श्रेणी में n = r + 2k या r = n – 2k रख कर ज्ञात कर सकते हैं। इसलिये Zn का गुणांक होगा.

उदभव फलन के श्रेणी विस्तार में k के सभी मानो के लिये zn के गुणांकों का योग करके 22 का परिणामी गुणांक ज्ञात कर सकते हैं। चूँकि

r = n – 2k > 0 या_k <n/2

अत: k का मान 0 से n / 2 तक बदलता है जब n धनात्मक सम पूर्णांक है तथा 0 से (n-1)/12 तक बदलता है जब n धनात्मक विषम पूर्णांक है। अतः

Hn(x) का पुनरावृत्ति सम्बन्ध (RECURRENCE RELATION OF Hq(x))

सम्बन्ध I : 2nHn-1 (x) = H'(x) हरमाइट बहुपद के उद्भव फलन से,

इस समीकरण का x के सापेक्ष अवकलन करने पर,

इस समीकरण के दोनों तरफ zn के गुणांकों की तुलना करने

सम्बन्ध II : 2xHn (x) = 2nHn – 1 (x) + Hn+1

हरमाइट बहुपद के उद्भव फलन से.

इस समीकरण का z के सापेक्ष अवकलन करने पर,

इसमें समीकरण (1) रखने पर

इस समीकरण के दोनों तरफ Zn के गुणांकों की तुलना करने पर,

इस समीकरण को | n से गुणा करने पर,

सम्बन्ध III: H’n(x) = 2xHn(x) – Hn+1(x)

सम्बन्ध (I) तथा (II) से,

हरमाइट फलन का लाम्बिकता सम्बन्ध (ORTHOGONALITY RELATION FOR HERMITE FUNCTION)

हरमाइट फलन के उदभव फलन से,

परस्पर गुणा करने पर,

इस समीकरण को e-x2 से गुणा करके – ० व ० के बीच x के सापेक्ष समाकल करने पर,

इस समीकरण के LHS में (x – t – Z) = u रखने पर,

अब समीकरण में चरघातांकी पद को श्रेणी के रूप में लिखने पर, ̃

इसे समीकरण (1) में रखने पर,

जब m≠ n, है तो इस समीकरण के दोनों तरफ (tz)” के गुणांकों की तुलना करने पर,

M = n,इस समीकरण के दोनों तरफ पुनः (tz)n के गुणांकों की तुलना करने पर,

समीकरण (2) तथा (3) को एक समीकरण में संयुक्त करने पर,

यह सम्बन्ध हरमाइट बहुपद के लाम्बिकता गुण को दर्शाता है।

लागेर अवकल समीकरण (LAGUERRE DIFFERENTIAL EQUATION)

निम्न द्वितीय कोटि के अवकल समीकरण को लागेर अवकल समीकरण कहते हैं।

जहाँ n एक नियतांक है। इस समीकरण का x = 0 एक नियमित विचित्र बिन्दु है। इस बिन्दु के निकट इस अवकल समीकरण का हल निम्न घात श्रेणी के रूप में लिखा जा सकता है।

इस समीकरण का x के सापेक्ष अवकलन करने पर,

इस अवकलजों को समीकरण ( 1b) में रखने पर,

यह एक तत्समक है इसलिये इस समीकरण की यथार्थता के लिये x के प्रत्येक घात के पद में गुणांक शून्य होना चाहिये । निम्नतम घातीय पद Xm-1 के गुणांक को शून्य के बराबर करते हैं अर्थात्  r = 0 रखते हैं।

Aom2 = 0 ………………………(4)

चूँकि Ao ≠ 0 इसलिये m =0

अंतः m का एक ही मान प्राप्त होने के कारण लागेर समीकरण का केवल एक ही हल प्राप्त होगा अ

ब समीकरण (3) में xm+t के गुणांक को शून्य करके एक निम्न पुनरावृत्ति समीकरण प्राप्त करते हैं जिससे विभिन्न गुणांकों के मान ज्ञात कर सकते हैं।

इस समीकरण में m = 0 रखने पर,

इन गुणांकों के मान समीकरण (2) में रखने पर लागेर समीकरण का हल होगा।

उपरोक्त श्रेणी हल में, यदि n धनपूर्णांक हो तो यह श्रेणी r = n पर अंतकृत हो जाती है तथा बहुपद में परिवर्तित हो जाती है।

इस श्रेणी को विपरीत क्रम में लिखने पर,

यदि Ao = |n रख दें तो यह श्रेणी n कोटि का लागेर बहुपद (Laguerre polynomials of degree n) कहलाता है। लागेर बहुपद को Ln (x) से प्रदर्शित करते हैं ।

यह समीकरण लागेर अवकल समीकरण का हल है। समीकरण ( 7 ) निम्न श्रेणी रूप में भी लिख सकते हैं।

L(x) (GENERATING FUNCTION FOR Ln(x))

निम्नफलन पर विचार करते हैं।

चरघातांकी फलन का श्रेणी रूप में विस्तार करने पर,

समीकरण (2) में zn के गुणांको को एकत्रित करने पर,

लागेर बहुपद की परिभाषा से,

अतः फलनलागेर बहुपद का उदभव फलन है।

7.22 Ln (x) का पुनरावृत्ति संबंध(RECURRENCE Relations of Ln(x))

लागेर बहुपद लागेर अवकलन समीकरण का हल होता है । अत: यह लागेर समीकरण को संतुष्ट करेगा। y= Ln(x) लागेर समीकरण में रखने पर,

लागेर बहुपद के उद्भव फलन से,

इसे Z के सापेक्ष अवकलन करने पर,

zn के गुणांकों को एक साथ लिखने पर,

लागेर बहुपद के उदभव फलन से,

इसे x के सापेक्ष अवकलन करने पर,

इस समीकरण के दोनों तरफ Zn के गुणांकों की तुलना करने पर,

पुनरावृत्ति सम्बन्ध (ii) से,

इसे x के सापेक्ष अवकलन करने पर,

सम्बन्ध (III) से,

n को (n+1) से प्रतिस्थापित करने पर,

Ln+1 (x) का मान समीकरण (2) से तथा Ln+ 1 (x) का मान समीकरण (3) से समीकरण (1) में रखने पर,

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