File Management In C : File Opening in hindi फाइल मैनेजमेंट c कंप्यूटर भाषा में हिंदी में फाइल खोलना

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फाइल मैनेजमेंट c कंप्यूटर भाषा में हिंदी में फाइल खोलना File Management In C : File Opening in hindi :-
हमने अब तक देखा है scanf() और printf() function एक console oriented I/O function है |जिससे data को केवल console screen पर ही print और read कर सकता है |ये function जब तक valid होता है तब तक दत्ता के numbers कम होते है |लेकिन large number of data को manage करने के लिए file management करेगे |

printf() और scanf() का limit:
1.ये functions,large datas को read और write मे बहुत time लगता है |साथ ही ये बहुत complex प्रोसेस हो जाता है |
2.जब प्रोग्राम terminate हो जाता तब  data lost हो जाता है |
इस problem को solve करने के लिए ,datas/values को किसी डिस्क मे डायरेक्ट read और write करना पड़गे |डिस्क मे data को read और write करना difficult होता है इसलिए data कोकिसी file मे read और write करना easy है |ये प्रोसेस in problem का solution है |
File :
File डिस्क मे  place होता  है जिसमे कई सारे data को store कर सकते है |
C language मे कई सारे function को support करता है |जैसे :-
1.Naming of file
2.Opening of file
3.Reading of file
4.Writing of file
5.Close of file 
file operation को दो तरीके से पेर्फ्रोम कर सकते है :-
1. Low Leval :
इस method मे ,UNIX SYSTEM  को use किया जाता है |
2.High Level:
इस method मे , c language की standard I /O library के pre define function को use किया जाता है |
इन दोनों method को आगे विस्वत मे पढेगे |
 Standard I /O library के Pre define function”:
1.fopen () 
इसका function का use , file को  open और create करने के लिए किया जाता है |
2.fclose()
इस function का use ,file को क्लोज करने के लिए किया जाता है |
2.getc ()
इस function का use ,file से charterer को read करने के लिए किया  जाता है |
3.putc ()
इस function का use ,file मे charterer को write करने के लिए किया जाता है |
4.fprintf()
इस function का use ,file मे data को write करने के लिए किया जाता है |
5.fscanf ()
इस function का use ,file मे data को read करने के लिए किया जाता है |
6.fseek()
इस function का use , किसी file मे position को set करने के लिए किया जाता है |
7.ftell()
इस function का use , file के किसी position को address को return करते है |
8.rewind()
इस function का use, control file के beginning मे जाता है |
Opening or Defining of file 
अगर किसी file को storage memory मे store करने लिए ,निम्न constain को declare करना पड़ता है :-
1.File Name 
2.Data Structure
3.Purpose
यहाँ पर :
File Name 
file name chartercter का string होता है जिसे किसी file का valid नाम हो सकता है |file name क एदो parts होता है |(i) Primary name : जो की file का first name होता है |(ii)Extension : ये किसी file name को किसी दुसरे same file name से अलग करता है |इन दोनों file name को period operator (‘.’) से जोड़ा जाता है file name मे Extension ऑप्शनल होता है |
जैसे
file                // यह पर file ,file का नाम है |//
file.1             // यहा पर file file का primary नाम है और 1 extension है |//
file.input      // यहा पर file file का primary नाम है और input extension है | जिन्हें ‘.’ से connect किया गया  |                          है //
file.output   //यहा पर file file का primary नाम है और output extension है |
Data Structure 
data structure को c language मे ‘FILE’ से declare किया जाता है |इसे use करने से पहले इसे declare किया जाता है | इसमें  pointer  variable होता है जिसका syntax है :-
FILE *file pointer_name ;
 
यह पर
FILE : ये keyword है |
file pointer_name : ये file pointer  का नाम हैजिसमे file का address store होता है और इसे  बाद मे file को open करने के लिए किया जाता है |
 
Opening of File :
जब हमे किसी file को open करना होता है तब इसे declare करना पड़ता है |किसी file को open करने का syntax है :-
file *file pointer_name ;
file pointer_name = fopen(“file name”,”Mode”);
यहा पर :
file pointer_name :ये file pointer  का नाम है जिसका type ‘file ‘ है |
fopen() : ये pre define function जिसका उस एकिसी file को open करने के लिएय किया जाता है |
file name : ये file का नाम होता है |
Mode : ये file मे किये जाने operation को declare करता है |
 
Mode 
ये file ओपनिंग के दुसरे statement का महत्वपूण भाग है जो file मे किय जाने वाले operation को define करता है |इसके लिए कुछ Pre define command होता है :-
1.”r”
इस मोड का use file मे स्थित data को read करने के लिए किया जाता है |
अगर  file exit नहीं करती है तब error message occurs हो जाता है |
 file exit करती है tab data read कर सकते है और file मे सेव data पर कोई effect नहीं पड़ता है |
2.”w”
इस mode का use किसी file मे data को write करने के लिए किया जता है |
अगर file name exist नहीं करती है ,तब एक file जिसका नाम file _name होगा create हो जाती है |
अगर file _name exist करती है ,तब file मे स्थित data delete हो जाता है |
3.”a”
इसे append कहते है |इस mode का use भी किसी file मे data को write करने के लिए किया जाता है |
अगर file name exist नहीं करती है ,तब error occur हो जाती है |
अगर file _name exist करती है ,तब file मे स्थित data सेफ रहता है और इसके आगे से write operation start हो जाता है |
4.”r+”
इस mode का use file को read और write के लिए किया जाता है |लेकिन
अगर  file exit नहीं करती है तब error message occurs हो जाता है |
file exit करती है तब data read और write कर सकते है |
5.”w+”
इस mode का use file को read और write के लिए किया जाता है |लेकिन
अगर  file exit नहीं करती है तब एक file जिसका नाम file _name होगा create हो जाती है ||
file exit करती है तब data read और write कर सकते है और file मे सेव data  डिलीट हो जाता है |
6.”a+”
इस mode का use भी किसी file मे data को write और read करने के लिए किया जाता है |
अगर file name exist नहीं करती है ,तब error occur हो जाती है |
अगर file _name exist करती है ,तब file मे स्थित data सेफ रहता है और इसके आगे से write operation start हो जाता है |
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