किसकी उपस्थिति के कारण गिरगिट अपना रंग बदलता है ? Chameleon changes colour due to presence of

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Chameleon changes colour due to presence of in hindi किसकी उपस्थिति के कारण गिरगिट अपना रंग बदलता है ?

1. निम्नलिखित में से किसकी उपस्थिति के कारण गिरगिट रंग बदलता है?
(अ) हीमोग्लोबिन (ब) वर्णकी लवक
(स) क्लोरोफिल (द) वातरंध
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2011
उत्तर-(ब)
गिरगिट की ऊपरी त्वचा पारदर्शी होती है जिसके नीचे विशेष कोशिकाओं की परतें होती हैं जिन्हें वर्णकी लवक (Chromatophore) कहां जाता है। इनकी उपस्थिति के कारण ही गिरगिट रंग बदलता है।
2. ‘ट्यूब के भीतर ट्यूब‘ प्रकार का शारीरिक प्लान पाया जाता है-
(अ) समुद्री ऐनीमोन में (ब) जोंक (लीच) में
(स) अमीबा में (द) साइकॉन में
S.S.C.F.C.I. परीक्षा, 2012
उत्तर-(ब)
ऐसे जंतु जिनकी आधारभूत शारीरिक योजना ट्यूब के भीतर ट्यूब की तरह होती है ऐनेलिड कहलाते हैं। जोंक भी ऐनीलिडा संघ का जंतु है।
3. क्लोरोमाइसिटिन है-
(अ) पूतिरोधी (ब) प्रतिअवसादक
(स) पीड़ाहारी (द) प्रतिजीवाणुक
S.S.C. स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2006
उत्तर-(द)
आंत्रज्वर नामक रोग सॉल्मोनेला टॉइफी नामक जीवाणु द्वारा होता है। इसका प्रसार संदूषित भोजन तथा पानी द्वारा होता है। इस रोग के उपचार के लिए प्रतिजीवाणुक (एंटीबायटिक) के रूप में क्लोरोमाइसिटिन (क्लोरेमफेनिकोल) नामक दवा दी जाती है।
4. इसकी खोज के कारण वाक्समैन को नोबेल पुरस्कार दिया गया-
(अ) स्ट्रैप्टोमाइसिन (ब) क्लोरोमाईसिटिन
(स) निओमाईसिन (द) पैनिसिलीन
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier I) परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
स्ट्रैप्टोमाईसिन की खोज के लिए वाक्समैन को नोबेल पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार इन्हें सन् 1952 में फिजियोलॉजी या चिकित्सा क्षेत्र में दिया गया।
5. पुरुष में मर्करी के विषाक्तन से कौन-सा रोग होता है?
(अ) ब्लैक लंग (ब) एरसेनिकोसिस
(स) मीनामाता (द) इताई-इताई
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
पारे की विषाक्तता से मीनामाता नामक रोग हो जाता है। सर्वप्रथम वर्ष 1956 में जापान के मीनामाता शहर में इस रोग का पता चला था। यह आंतों और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है।
6. मीनामाता रोग किसके द्वारा पानी के प्रदूषण से फैलता है?
(अ) टिन (ब) मेथिल आइसोसायनेट
(स) पारद (द) लेड.
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(स)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
7. श्वेत फुफ्फुस रोग पाया जाता है-
(अ) कागज उद्योग के कर्मचारियों में
(ब) सीमेंट उद्योग के कर्मचारियों में
(स) कपास उद्योग के कर्मचारियों में
(द) पीड़कनाशक उद्योग के कर्मचारियों में
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
श्वेत फुफ्फुस रोग कपास उद्योग से संबंधित कर्मचारियों में पाया जाता है।
8. कुछ सूक्ष्म जीवों की सहायता से वायुमंडल में पोषक तत्वों का पुनःचक्रण होता है। इन सूक्ष्म जीवों को क्या कहते है?
(अ) उत्पादक (ब) उपभोक्ता
(स) अपघटक (द) इनमें से कोई नहीं
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2017
उत्तर-(स)
सूक्ष्मदर्शी के जरिए सूक्ष्म जीवों को सर्वप्रथम एंटोनी वॉन ल्यूवेन हॉक (1632-1723) ने देखा था। सूक्ष्म जीव वातावरण में अपशिष्ट पदार्थों का क्षय करते हैं जिससे वे पोषक तत्त्वों में बदल जाते है। इन्हें सूक्ष्म जीवों का अपघटक कहते हैं।
9. पशुओं में पैर और मुख रोग का कारण है-
(अ) फंजाई (ब) पेनिसिलियम
(स) बैक्टीरिया (द) वाइरस
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2014
उत्तर-(द)
पैर और मुख रोग एक संक्रामक वाइरल रोग है। इसमें पशुओं के मुख व पैरों में छाले पड़ जाते हैं जो बाद में फट जाते हैं, जिनके कारण पशु में लंगड़ापन हो जाता है।
10. पौधे का आर्द्र पतन रोग किसके कारण होता है?
(अ) पिथियम डिबैरिएनम
(ब) पेरोनोस्पोला पैरासाइटिका
(स) फाइटोप्थोरा इंफेस्टन्स
(द) एलबुगो कैंडीडा
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
पौधों का आर्द्रगलन या आर्द्रपतन (Damping off of seedlings) रोग पिथियम डिबैरिएनम (Pythium debaryanum) नामक कवक से होता है।
11. गन्ने की लाल सड़ांध किसके कारण बनती है?
(अ) ऑल्टरनेरिय आल्टरनेटा
(ब) फाइलोफ्थोरा इन्फेस्टन्स
(स) कौलेटोट्राइकम फैलकेटम
(द) सर्कोस्पोरा पर्मोनेटा
S.S.C. C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(स)
गन्ने की लाली सड़ांध (Redrot of Sugarcane) रोग कौलेटोट्राइकम फैलकेटम नामक कवक द्वारा होता है।
जैव विकास
ऑनलाइन परीक्षा-प्रश्न (2016)
 प्रसिद्व विकासवादी चार्ल्स डार्विन ने अपनी किस पुस्तक में अपने सिद्धांत का प्रतिपादन किया? -द ऑरिजिन ऑफ स्पीसीज
ऑफलाइन परीक्षा-प्रश्न (2006-2015)
1. ‘डार्विन फिचिज‘ का प्रयोग किस समूह के लिए किया जाता है?
(अ) मछलियों के लिए
(ब) छिपकलियों के लिए
(स) पक्षियों के लिए
(द) उभयचरों के लिए
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
डार्विन ने गैलेपैगो द्वीपसमूह के जीव-जंतुओं का अध्ययन किया। इसमें उन्होंने एक प्रकार की चिड़िया (डार्विन फिचिंज) की मिलती जलती किस्में देखीं। डार्विन की फिचिंज एक भौगोलिक वितरण का प्रमाण है।
2. डी वीज ने किस सिद्धांत का प्रतिपादन किया?
(अ) जाति-उद्भवन का सिद्धांत
(ब) विनिमय का सिद्धांत
(स) प्राकृतिक चयन का सिद्धांत
(द) उत्परिवर्तन का सिद्धांत
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2014
उत्तर-(द)
जीन, आनुवांशिकता की मूलभूत शारीरिक इकाई है। इसी में हमारी आनुवांशिक विशेषताओं की जानकारी होती है। जब कोशिकाओं के केंद्र में स्थित डी.एन.ए. में कोई स्थायी परिवर्तन होता है तो उसे उत्परिवर्तन (Mutation) कहा जाता है। ‘ह्यूगो डी व्रीज‘ ने उत्परिवर्तन के सिद्धांत का प्रतिपादन किया।
3. पुनरावर्तन सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था?
(अ) वीसमैन (ब) अट हैकेल
(स) मॉर्गन (द) मूलर
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(ब)
पुनरावर्तन सिद्धांत अर्स्ट हैकेल (Ernst Haeckel) ने प्रस्तुत किया था।
4. निम्न में से कौन-से समजात अंग हैं?
(अ) कीटों और पक्षियों के पंख
(ब) मछली और बिल्ली की पूंछ
(स) मगर की त्वचा और पक्षियों के पंख
(द) घोड़े और आदमी का अग्रपाद
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2012
उत्तर-(द)
वे अंग जो आकार और कार्यों में असमान किंतु उत्पत्ति और मूल संरचना में समान होते हैं समजात अंग कहलाते हैं। घोड़े और मनुष्य के अग्रपाद समजात अंग के उदाहरण हैं।
5. एक पक्षी तथा कीट के पर क्या होते हैं?
(अ) समजात अवयव (ब) समवृत्ति अवयव
(स) अवशेषी अवयव (द) अल्पविकसित अवयव
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब)
एक पक्षी तथा कीट के पर समवृत्ति अवयव होते हैं।
6. पक्षियों और कीटों के पंख कैसे होते हैं?
(अ) अयुक्तिसंगत (ब) पोषक
(स) समवृत्ति (द) समजात
S.S.C.C.P.O. परीक्षा, 2015
उत्तर-(स)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
7. कीट में क्या-क्या होता है?
(अ) तीन जोड़ी टांगें
(ब) चार जोड़ी टांगें
(स) सिर, वक्ष और पेट
(द) पंखों का जोड़ा और एंटीना
S.S.C. मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(स)
कीट आर्थोपोडा संघ का एक प्रमुख वर्ग है। इनका शरीर सिर, वक्ष और उदर में बंटा रहता है। प्रायः सभी खंडों के पार्श्व की ओर एक संधियुक्त शाखांग होते हैं।
8. ‘योग्यतम की उत्तरजीविता‘ की संकल्पना का समर्थन सबसे पहले किया था-
(अ) ओपेरिन ने (ब) डार्विन ने
(स) स्पेन्सर ने (द) हैकेल ने
S.S.C.CPO परीक्षा, 2006
उत्तर-(ब)
‘योग्यतम की उत्तरजीविता‘ टर्म स्पेन्सर ने दिया था। सर्वप्रथम डार्विन ने ‘योग्यतम की उत्तरजीविता‘ को ‘प्राकृतिक वरण‘ का समानार्थी मानते हुए इस संकल्पना का समर्थन किया था।
9. पक्षी-विज्ञान किसका अध्ययन है?
(अ) पक्षी (ब) मक्खी
(स) परुषकवची (द) कीट
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
पक्षी विज्ञान (Ornithology) जंतु विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत पक्षियों का अध्ययन किया जाता है।
10. जीवन की रासायनिक संश्लेषण से उत्पत्ति को प्रयोगशाला में किसके द्वारा सिद्ध किया गया था?
(अ) मिलर (ब) अरस्तू
(स) पाश्चर (द) सांगेर
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
जीवन की रासायनिक संश्लेषण से उत्पत्ति को प्रयोगशाला में मिलर (Miller)द्वारा सिद्ध किया गया था। इन्होंने प्रबल ऊर्जा की उपस्थिति में मीथेन, हाइड्रोजन, जलवाष्प एवं अमोनिया के संयोजन से ऐमीनो अम्लों, सरल शर्कराओं तथा अन्य कार्बनिक यौगिकों के संश्लेषण की संभावना को सिद्ध किया।
11. शैवाल विज्ञान किसका अध्ययन है?
(अ) कवक (ब) शैवाल
(स) जीवाणु (द) लाइकेन
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2015
उत्तर-(ब)
शैवाल विज्ञान (Phycology) वनस्पति विज्ञान की वह शाखा है जिसके अंतर्गत शैवाल का अध्ययन किया जाता है।
12. डार्विन के विकास के सिद्धांत के अनुसार, जिराफ की लंबी गर्दन-
(अ) पीढ़ी-दर-पीढ़ी ऊंचे पेड़ों पर पत्तों तक पहुंचने के सतत प्रयास के
कारण बनी
(ब) से उसे कोई लाभ नहीं है और मात्र एक संयोग है
(स) उसे आहार प्राप्त करने का लाभ देती है जिसके कारण लंबी गर्दन
वाले जीवित रहते हैं
(द) अफ्रीकी सवाना के विशेष मौसम का परिणाम है
S.S.C. CPO परीक्षा, 2010
उत्तर-(स)
डार्विन के विकास के सिद्धांत के अनुसार, जिराफ की लंबी गई उसे आहार प्राप्त करने में लाभप्रद होती है जिसके कारण लंग गर्दन वाले जीवित रहते हैं। डार्विन ‘योग्यतम की उत्तरजीविता‘ के सिद्धांत के समर्थक थे।
13. डार्विन की पुस्तक ‘ऑन द ऑरिजिन ऑफ स्पीशीज‘ की प्रकाशित हुई थी?
(अ) 1849 (ब) 1859
(स) 1869 (द) 1879
S.S.C. स्नातक स्तरीय परीक्षा, 2006
उत्तर-(ब)
डार्विन की पुस्तक ‘ऑन द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज‘ वर्ष 1859 में प्रकाशित हुई थी। इसमें इन्होंने ‘विकास का सिद्धांत‘ प्रतिपादित किया था।