Category Archives: chemistry

बफर विलयन या उभय प्रतिरोधी विलयन buffer solution in hindi , गुण , अम्लीय क्षारीय बफर विलयन

(buffer solution in hindi) बफर विलयन या उभय प्रतिरोधी विलयन : शुद्ध जल की pH 7 होती है परन्तु इसे खुला छोड़ने पर वायुमण्डल की कार्बन डाई ऑक्साइड इसमें घुल जाती है जिससे H2CO3 (कार्बोनिक अम्ल) बनने के कारण शुद्ध जल की pH 7 से कम हो जाती है।  साथ ही यह काँच के पात्र से क्रिया… Continue reading »

जल अपघटन , प्रबल अम्ल , दुर्बल अम्ल , प्रबल क्षार , प्रबल अम्ल व क्षार से बने लवणों का जल अपघटन , प्रबल अम्ल व प्रबल क्षार से बने लवणों का जल अपघटन

जल अपघटन : जब किसी लवण को जल में घोला जाता है तो लवण के धनायन जल के ऋणायन से तथा लवण के ऋण आयन जल के धन आयन से तथा लवण के ऋणायन जल के धनायन से क्रिया करते है जिससे H+ की सांद्रता परिवर्तित हो जाती है।  लवण का जल अपघटन एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया है… Continue reading »

ph की खोज किसने की , विद्युत अन अपघट्य , ऑरेनियस का सिद्धान्त या विद्युत अपघट्य का वियोजन सिद्धांत या आयनिक सिद्धांत 

PH : S.P.L सोरेन्सन (Søren Peder Lauritz Sørensen) ने PH की  खोज की। हाइड्रोजन आयन (H+) की सांद्रता के ऋणात्मक लघुगणक (log) को Ph कहते है। या हाइड्रोजन आयन की सान्द्रता को व्यक्त करने के लिए 10 के ऊपर जितनी ऋणात्मक घातें लगायी जाती है , इसे pH कहते है। PH = -log [H+] Or PH = 1/log[H+]… Continue reading »

लॉ शातैलिए का नियम (Le Châtelier’s principle) , ऑरेनियस का सिद्धांत , लुईस क्षार , लुईस अम्ल

लॉ शातैलिए का नियम (Le Châtelier’s principle) : किसी रासायनिक साम्य पर ताप , दाब , सांद्रता का परिवर्तन करने से साम्य उस दिशा में विस्थापित हो जाता है जिस दिशा में किये गए परिवर्तन का प्रभाव या तो कम हो जाए या समाप्त हो जाए। अम्ल क्षारों की व्याख्या करने के लिए अलग अलग… Continue reading »

उत्क्रमणीय अभिक्रिया , अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया , रासायनिक साम्य , समांगी अभिक्रियाएँ , सक्रीय द्रव्यमान

(reversible reaction in hindi) उत्क्रमणीय अभिक्रिया : वे अभिक्रियाएँ जो दोनों दिशाओ में चलती है अर्थात जिनमें क्रियाकारक क्रिया करके क्रियाफल बना लेते है तथा क्रियाफल पुन: क्रिया करके क्रियाकारक बना लेते है , उन्हें उत्क्रमणीय अभिक्रियाएँ कहते है। इन अभिक्रियाओं को दोमुहि तीर से व्यक्त करते है , ऊपर का तीर अग्र अभिक्रिया को तथा… Continue reading »

कार्बनिक रसायन (organic chemistry) , केकुले का सिद्धान्त , वांट हाफ तथा ली-बेल का सिद्धांत ,हाइड्रोकार्बन

कार्बनिक रसायन (organic chemistry) : रसायन विज्ञान की वह शाखा जिसमें कार्बनिक पदार्थो (हाइड्रोजन व उसके व्युत्पन्न) का अध्ययन किया जाता है , कार्बनिक रसायन कहलाता है। सर्वप्रथम ‘व्होलर’ ने अकार्बनिक यौगिको से कार्बनिक यौगिक (यूरिया) का निर्माण किया। कार्बन परमाणु चतु: संयोजकता : कार्बनिक यौगिको की मूल संरचना को समझाने के लिए निम्न दो… Continue reading »

अभिकर्मक (reagent) , इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) , नाभिक स्नेही (nucleophilic) , प्रतिस्थापन ,योगात्मक

अभिकर्मक (reagent) : यह दो प्रकार का होता है। 1. इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) 2. नाभिक स्नेही (nucleophilic) 1. इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) वह अभिकर्मक जिसमें इलेक्ट्रॉन की कमी होती है तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृति होती है , इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिक्रमण कहलाता है। सभी धनावेशित अभिकर्मक तथा कुछ इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक [AlCl3, BF3 , FeCl3]… Continue reading »

IUPAC पद्धति में क्रियात्मक समूहों का वरीयतानुसार नामकरण , क्रियात्मक समूह , सहसंयोजक बंध का विखण्डन

IUPAC पद्धति में क्रियात्मक समूहों का वरीयतानुसार नामकरण : यौगिक का वर्ग क्रियात्मक समूह की संरचना IUPAC समूह पूर्वलग्न IUPAC अनुलग्न कार्बोक्सिलिक अम्ल -COOH कार्बोक्सी -oic acid सल्फोनिक अम्ल –SO3H सल्फो `sulphonic acid एनहाइड्राइड -COOCO -oic anhydride एस्टर -COOR Oate एसिड हैलाइड -COX (X = F , Cl , Br , I) Halo कर्बोनिल -आयल… Continue reading »

कार्बनिक यौगिकों का नामकरण , iupac name of carbon compounds in hindi , अनुलग्न , पूर्वलग्न

(iupac name of carbon compounds in hindi) कार्बनिक यौगिकों का नामकरण : IUPAC : इसकी फुल फॉर्म International Union of Pure and Applied Chemistry है और हिंदी मे IUPAC की full form ” अन्तराष्ट्रीय संघठन शुद्ध अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान है “। पूर्वलग्न (Prefix) : नाम लिखते समय जिन शब्दों को पहले लिखा जाता है उन्हें पूर्वलग्न… Continue reading »

कठोर जल एवं मृदु जल , जल की कठोरता के प्रकार , धावन सोडा , परम्युटिट विधि (जियोलाइट) या आयन विनिमय विधि

कठोर जल एवं मृदु जल : साबुन के साथ झाग बनाने व नहीं बनाने के आधार पर जल दो प्रकार का होता है – 1. मृदु जल (soft water) : वह जल जो साबुन के साथ आसानी से झाग बनाता है , मृदु जल कहलाता है। 2. कठोर जल (hard water) : वह जल जो… Continue reading »