Category Archives: chemistry

अभिकर्मक (reagent) , इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) , नाभिक स्नेही (nucleophilic) , प्रतिस्थापन ,योगात्मक

अभिकर्मक (reagent) : यह दो प्रकार का होता है। 1. इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) 2. नाभिक स्नेही (nucleophilic) 1. इलेक्ट्रोन स्नेही (electrophilic) वह अभिकर्मक जिसमें इलेक्ट्रॉन की कमी होती है तथा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने की प्रवृति होती है , इलेक्ट्रॉन स्नेही अभिक्रमण कहलाता है। सभी धनावेशित अभिकर्मक तथा कुछ इलेक्ट्रॉन न्यून यौगिक [AlCl3, BF3 , FeCl3]… Continue reading »

IUPAC पद्धति में क्रियात्मक समूहों का वरीयतानुसार नामकरण , क्रियात्मक समूह , सहसंयोजक बंध का विखण्डन

IUPAC पद्धति में क्रियात्मक समूहों का वरीयतानुसार नामकरण : यौगिक का वर्ग क्रियात्मक समूह की संरचना IUPAC समूह पूर्वलग्न IUPAC अनुलग्न कार्बोक्सिलिक अम्ल -COOH कार्बोक्सी -oic acid सल्फोनिक अम्ल –SO3H सल्फो `sulphonic acid एनहाइड्राइड -COOCO -oic anhydride एस्टर -COOR Oate एसिड हैलाइड -COX (X = F , Cl , Br , I) Halo कर्बोनिल -आयल… Continue reading »

कार्बनिक यौगिकों का नामकरण , iupac name of carbon compounds in hindi , अनुलग्न , पूर्वलग्न

(iupac name of carbon compounds in hindi) कार्बनिक यौगिकों का नामकरण : IUPAC : इसकी फुल फॉर्म International Union of Pure and Applied Chemistry है और हिंदी मे IUPAC की full form ” अन्तराष्ट्रीय संघठन शुद्ध अनुप्रयुक्त रसायन विज्ञान है “। पूर्वलग्न (Prefix) : नाम लिखते समय जिन शब्दों को पहले लिखा जाता है उन्हें पूर्वलग्न… Continue reading »

कठोर जल एवं मृदु जल , जल की कठोरता के प्रकार , धावन सोडा , परम्युटिट विधि (जियोलाइट) या आयन विनिमय विधि

कठोर जल एवं मृदु जल : साबुन के साथ झाग बनाने व नहीं बनाने के आधार पर जल दो प्रकार का होता है – 1. मृदु जल (soft water) : वह जल जो साबुन के साथ आसानी से झाग बनाता है , मृदु जल कहलाता है। 2. कठोर जल (hard water) : वह जल जो… Continue reading »

हाइड्राइड की परिभाषा क्या है , हाइड्राइड के प्रकार , जल किसे कहते है , जल (H2O) के भौतिक गुण

(hydride in hindi) हाइड्राइड : डाई हाइड्रोजन उत्कृष्ट गैस के अतिरिक्त लगभग सभी तत्वों के साथ निश्चित परिस्थितियों में संयोग करके द्विअंगीय यौगिक बनाते है जिन्हें हाइड्राइड कहते है। हाइड्राइडों का वर्गीकरण ये तीन प्रकार के होते है – (i) सहसंयोजी या आण्विक हाइड्राइड : अधिकांश ‘P ब्लॉक’ के तत्वों के साथ H2 परस्पर संयोग करके सहसंयोजी… Continue reading »

हाइड्रोजन (H2) के विभिन्न रूप , ऑर्थो व पैरा रूप में अन्तर , डाई हाइड्रोजन (dihydrogen) बनाने की विधियाँ 

हाइड्रोजन (H2) के विभिन्न रूप : (i) अधिशोषित हाइड्रोजन : कुछ धातुओं की सतह पर पर्याप्त मात्रा में H2 अधिशोषित हो जाती है इसे अधिशोषित या अभिधारण (H2) हाइड्रोजन कहते है। (ii) परमाण्विक हाइड्रोजन : आण्विक हाइड्रोजन के उच्च ताप पर तापीय अपघटन से परमाण्विक हाइड्रोजन प्राप्त होती है। H2 → 2H यह अभिक्रिया ऊष्माशोषी है। (iii)… Continue reading »

हाइड्रोजन (hydrogen in hindi) , आवर्त सारणी में हाइड्रोजन की स्थिति , क्षार धातु से भिन्नता , समस्थानिक

(hydrogen in hindi) हाइड्रोजन : हेनरी केवेन्डिश ने 1766 में धातु पर अम्ल की अभिक्रिया से निकलने वाली गैस का नाम ज्वलनशील गैस रखा। लेवोशिएर ने 1783 में इस गैस का नाम हाइड्रोजन रखा।  हाइड्रोजन एक ग्रीक शब्द है – अर्थात हाइड्रा = जल जन = उत्पन्न करने वाली अर्थात जल उत्पन्न करने वाली गैस। हाइड्रोजन… Continue reading »

विद्युत रासायनिक श्रेणी , विशेषताएँ , मानक इलेक्ट्रोड विभव , सेल आरेख , डेनियल सेल का सेल आरेख

सेल आरेख : Zn / Zn2+ // Cu2+ /Cu या Zn / ZnSO4 // CuSO4 / Cu विद्युत रासायनिक सेल को छोटे रूप में व्यक्त करना सेल आरेख कहलाता है। सेल आरेख बनाने के मुख्य बिंदु निम्न है – 1. सेल आरेख में एनोड को बायीं ओर तथा कैथोड को दाई ओर लिखते है। 2…. Continue reading »

यौगिक का सूत्र ज्ञात करना , आयन इलेक्ट्रॉन विधि , ऑक्सीकरण अंक विधि , संतुलित करने की विधियाँ

यौगिक का सूत्र ज्ञात करना : ऑक्सीकरण अपचयन अभिक्रियाओ को संतुलित करने की विधियाँ :- ऑक्सीकरण अपचयन अभिक्रियाओं को संतुलित करने की निम्न विधियाँ प्रचलित है – 1. आयन इलेक्ट्रॉन विधि 2. ऑक्सीकरण अंक विधि 1. आयन इलेक्ट्रोन विधि आयन इलेक्ट्रॉन विधि द्वारा समीकरण को संतुलित करने के विभिन्न पद निम्न है – सर्वप्रथम अभिक्रिया… Continue reading »

ऑक्सीकरण अंक (oxidation number in hindi) , ऑक्सीकरण अंक निकालने के लिए नियम , अनुप्रयोग 

(oxidation number in hindi) ऑक्सीकरण अंक : किसी भी यौगिक अथवा तत्व के अणु में उपस्थित किसी परमाणु पर उपस्थित आवेश के मान को उस परमाणु का ऑक्सीकरण अंक कहा जाता है , परमाणु पर यह आवेश का मान इलेक्ट्रॉन के स्थानांतरण के कारण उत्पन्न होता है। ऑक्सीकरण अंक निकालने के लिए स्वेच्छ नियम 1. मुक्त… Continue reading »