परमाणु द्रव्यमान क्या है , परिभाषा , उदाहरण (what is atomic mass in hindi)

(what is atomic mass in hindi) परमाणु द्रव्यमान क्या है , परिभाषा , उदाहरण : सामान्यत: परमाणु के सभी अलग अलग कणों के द्रव्यमान के योग के बराबर होती है। किसी भी परमाणु के अन्दर तीन कण पाये जाते है , इलेक्ट्रॉन , प्रोटॉन , न्यूट्रॉन

इन तीनो कणों के द्रव्यमान के योग को परमाणु द्रव्यमान कहते है।

यहाँ प्रोटोन पर धनावेश , इलेक्ट्रान पर ऋणावेश और न्यूट्रॉन अनावेशित होता है।

इन तीनो में से प्रोटोन और न्यूट्रॉन तुलनात्मक रूप से बड़े होते है और इनका द्रव्यमान भी अधिक होता है और ये दोनों कण नाभिक में पाये जाते है।

परमाणु द्रव्यमान का मात्रक amu होता है अर्थात इसे amu में मापा जाता है।

किसी भी परमाणु का द्रव्यमान का मान प्रोटोन और न्यूट्रॉन पर निर्भर करता है।

किसी भी पदार्थ की मूलभूत इकाई को परमाणु कहते है और प्रत्येक परमाणु प्रोटोन , न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रान से मिलकर बना होता है।

सामान्यत: जब किसी परमाणु का द्रव्यमान ज्ञात किया जाता है तो प्रोटोन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान का योग किया जाता है क्योंकि हम ऊपर बता चुके है की साइज में और द्रव्यमान में ये अधिक बड़े होते है , वही दूसरी तरफ इलेक्ट्रॉन के द्रव्यमान को नज़र अंदाज कर दिया जाता है क्योंकि ये आकार में और द्रव्यमान में बहुत कम होते है जिससे तुलनात्मक रूप से इनको छोड़ा जा सकता है। लेकिन बिल्कुल सही द्रव्यमान का मान निकालने के लिए इनको भी परमाणु द्रव्यमान में शामिल किया जाता है।

सामान्यत: परमाणु द्रव्यमान का मान परमाणु क्रमांक के ठीक दोगुने के बराबर होता है।

परमाणु द्रव्यमान की परिभाषा : परमाणु के भीतर उपस्थित इलेक्ट्रान , प्रोटोन और न्यूट्रॉन के द्रव्यमान के योग को ही परमाणु द्रव्यमान कहा जाता है।

परमाणु क्रमांक क्या है , परिभाषा , उदाहरण what is atomic number in hindi

(what is atomic number in hindi ) परमाणु क्रमांक क्या है , परिभाषा , उदाहरण : किसी परमाणु के नाभिक में प्रोटॉन की संख्या को ही परमाणु क्रमांक कहते है।
इसे Z से प्रदर्शित किया जाता है।
किसी भी परमाणु को पहचानने के लिए परमाणु क्रमांक एक अद्वितीय पहचान प्रदान करता है , अर्थात परमाणु क्रमांक हर परमाणु का अलग अलग होता है अत: इसके आधार पर हर परमाणु को पहचान मिलती है।
परमाणु क्रमांक (Z) और न्यूट्रॉन की संख्या के योग को उस परमाणु का परमाणु भार कहते है।
चूँकि सामान्य अवस्था में अर्थात परमाणु पर कोई आवेश न हो तो इस स्थिति में इलेक्ट्रॉन और प्रोटोन की संख्या बराबर होती है इस स्थिति में परमाणु क्रमांक का मान इलेक्ट्रान की संख्या के बराबर होता है।
किसी भी परमाणु में न्यूट्रॉन की संख्या अलग अलग हो सकती है , जब एक ही प्रकार के परमाणुओं में अलग अलह न्यूट्रॉन की संख्या पायी जाती है तो इन परमाणुओं को आइसोटोप कहते है।
किसी भी परमाणु के लिए परमाणु भार की गणना निम्न प्रकार करते है –
परमाणु भार = प्रोटोन + न्यूट्रॉन
आइसोटोप परमाणुओं में परमाणु क्रमांक तो समान होता है अर्थात उनमे प्रोटोन की संख्या तो समान होती है लेकिन न्यूट्रॉन की संख्या अलग अलग होती है , इसलिए इन्हें आइसोटोप परमाणु कहते है।
कोई भी रासायनिक तत्व जब आवर्त सारणी में रखा जाता है तो यह परमाणु क्रमांक के आधार पर ही रखा जाता है , आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु क्रमांक के रूप में रखा जाता है।
आवर्त नियम के अनुसार किसी परमाणु को आवर्त सारणी में रखने के लिए उस तत्व के भौतिक और रासायनिक गुणों को ध्यान में रखा जाता है लेकिन सामान्यत: देखे तो आवर्त सारणी में तत्वों को उनके बढ़ते परमाणु क्रमांक के रूप में लिखते है।
परमाणु क्रमांक की परिभाषा : “किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटोन की संख्या को ही परमाणु क्रमांक कहते है। “

अणु क्या है , परिभाषा , उदाहरण , अणु किसे कहते है (what is molecule in hindi)

(what is molecule in hindi) अणु क्या है , परिभाषा , उदाहरण , अणु किसे कहते है : किसी भी रासायनिक यौगिक या तत्व के छोटे कण को अणु कहते है जिसमे वे सभी गुण  उपस्थित हो जो उस यौगिक या तत्व में उपस्थित हो।

अणु दो या दो अधिक परमाणुओं से मिलकर बना होता है , ये परमाणु आपस में रासायनिक बन्ध से जुड़े रहते है। रासायनिक बन्ध बनाने के लिए दो परमाणुओं में या तो इलेक्ट्रॉन का आदान प्रदान होता है या साँझा होता है।

अणु बनाने के लिए कुछ विशेष प्रकार के परमाणु बंध द्वारा जुड़ते है और अणु का निर्माण करते है या तो एक ही प्रकार के परमाणु मिलकर अणु का निर्माण करते है जैसे ऑक्सीजन (O2) बनाने के लिए दो परमाणु ऑक्सीजन के मिलते है।

या फिर अलग अलग परमाणु मिलकर किसी अणु का निर्माण करते है जैसे कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2) में दो ऑक्सीजन के परमाणु और एक कार्बन परमाणु मिलते है और CO2 का निर्माण करते है।

कुछ अणु ऐसे होते है जिनके निर्माण में हजारों परमाणु आपस में जुड़ते है और उस अणु का निर्माण करते है जैसे प्रोटीन।

प्रोटीन में बहुत सारे परमाणु मिलते है और इससे एक चैन बन जाती है।

अणु की परिभाषा : “अणु वह कण है जो दो या दो से अधिक परमाणुओं से रासायनिक रूप से जैसे रासायनिक बन्ध द्वारा जुड़े रहते है।  ”

याद रखने वाली बात यह है की अणु किसी यौगिक या सबसे छोटा भाग या कण होता है जिसमे यौगिक के सभी रासायनिक और भौतिक गुण पाये जाते है।

जब किसी अणु को तोडा जाता है तो तोड़ने के बाद इनमें वे रासायनिक और भौतिक गुण नही पाये जाते जो मूल यौगिक में उपस्थित होते है |