Category Archives: chemistry

ऐरोमेटिक हाइड्रोकार्बन (aromatic hydrocarbons in hindi) , बेन्जीनॉइड , ऐरोमैटिकता , हकल का नियम

(aromatic hydrocarbons in hindi) , ऐरोमेटिक हाइड्रोकार्बन : एरोमेटिक हाइड्रोकार्बन ‘ऐरीन’ कहलाते है क्योंकि इनके यौगिको में ‘एरोमा’ (सुगंध) होती है। इनका सामान्य सूत्र CnH2n-6Y होता है। यहाँ y = अणु में बेंजीन वलयों की संख्या n = कार्बन परमाणुओं की संख्या वे चक्रीय यौगिक जो रासायनिक व्यवहार में बेन्जीन से समानता प्रदर्शित करते है , ऐरोमेटिक… Continue reading »

एल्काइन , एल्काइन सामान्य सूत्र , बनाने की विधि alkynes reactions in hindi , भौतिक गुण , रासायनिक गुण 

एल्काइन : वे एलिफेटिक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन-कार्बन के मध्य त्रि-बंध उपस्थित होता है , उन्हें एल्काइन कहते है। इस श्रेणी का प्रथम सदस्य एसिटिलीन या एथाइन होता है , इनका सामान्य सूत्र CnH2n-2 होता होता है। IUPAC पद्धति में इनके नाम के अंत में अनुलग्न आइन (yne) लगाते है। एसिटिलीन की अम्लीय प्रवृत्ति एसिटिलीन या उसके… Continue reading »

एल्किन (एथिलीन) : असंतृप्त हाइड्रोकार्बन , alkene in hindi chemistry , सैतजैफ नियम या सैटजैफ नियम

एल्किन (एथिलीन) : असंतृप्त हाइड्रोकार्बन , alkene in hindi chemistry , सैतजैफ नियम या सैटजैफ नियम

असंतृप्त हाइड्रोकार्बन : वे हाइड्रोकार्बन जिनमें कम से कम दो कार्बन परमाणुओं के मध्य द्विबंध या त्रिबंध उपस्थित होता है , वे ‘असंतृप्त हाइड्रो कार्बन’ कहलाते है। उदाहरण : एल्किन (एथिलीन) एल्काइन (एसिटीलीन) असंतृप्त हाइड्रो कार्बन दो प्रकार के होते है – [I] एल्किन [II] एल्काइन [I] एल्किन एलिफैटिक असंतृप्त हाइड्रोकार्बन जिनमें कार्बन-कार्बन के मध्य… Continue reading »

हाइड्रोकार्बन : एल्केन (alkane in hindi) , एल्केन बनाने की सामान्य विधियाँ , वुर्टज अभिक्रिया , गुण   

हाइड्रोकार्बन : एल्केन (alkane in hindi) , एल्केन बनाने की सामान्य विधियाँ , वुर्टज अभिक्रिया , गुण   

हाइड्रोकार्बन (Hydrocarbon) : कार्बन तथा हाइड्रोजन के यौगिको को हाइड्रोकार्बन कहते है। हाइड्रोकार्बन कोयला तथा पेट्रोलियम से प्राप्त होते है जो ऊर्जा के मुख्य स्रोत है। घरेलु ईंधन L.P.G तथा स्वचालित वाहनों के प्रमुख ऊर्जा स्रोत द्रवित पेट्रोलियम गैस (CNG) आदि सभी ईंधन हाइड्रोकार्बन के मिश्रण होते है , ये ऊर्जा के स्रोत है। [I]… Continue reading »

कार्बन के उपयोग , कार्बन के ऑक्साइड , कार्बन मोनो ऑक्साइड , कार्बन डाई ऑक्साइड , सिलिकन

कार्बन के उपयोग , कार्बन के ऑक्साइड , कार्बन मोनो ऑक्साइड , कार्बन डाई ऑक्साइड , सिलिकन

कार्बन के उपयोग : कार्बन स्याही का उपयोग कृष्ण रंजन बनाने में स्वचालित वाहनों के टायर में पूरक के रूप में होता है। कॉक का उपयोग धातुकर्म में अपचायक के रूप में तथा ईंधन के रूप में होता है। हीरा एक मूल्यवान पत्थर है जिसका उपयोग आभूषण में होता है , इसे कैरेट में मापा… Continue reading »

वर्ग 14 के तत्व (कार्बन परिवार) , कार्बन का असामान्य व्यवहार , कार्बन के अपरूप , 14th periodic table

14th periodic table वर्ग 14 के तत्व (कार्बन परिवार) : कार्बन प्रकृति में स्वतंत्र तथा संयुक्त अवस्था में पाया जाता है। तत्व अवस्था में यह कोयला , ग्रेफाईट तथा हीरे में मिलता है। (i) चूने का पत्थर : CaCO3 (ii) मैग्नेसाईट : MgCO3 (iii) डोलोमाईट : MgCO3.CaCO3 (iv) गेलेना : PbS (v) केसिटेराइट (टिन स्टोन) : SNO2 नोट :… Continue reading »

बोरोन , बोरेक्स , भौतिक गुण , रासायनिक गुण , उपयोग , बनाने की विधि , बोरेक्स मनका परिक्षण , डाइ बोरेन

बोरोन , बोरेक्स , भौतिक गुण , रासायनिक गुण , उपयोग , बनाने की विधि , बोरेक्स मनका परिक्षण , डाइ बोरेन

(boron and its compounds) बोरोन तथा उसके महत्वपूर्ण यौगिक : [I] बोरोन : इसे बोरेक्स , पोटेशियम टेट्रा फ्लोरोबोरेट तथा बोरोन ट्राई ब्रोमाइड से निम्न प्रकार से प्राप्त किया जाता है। बोरेक्स खानिज से : बोरेक्स खानिज से बोरोन प्राप्त करने के पद निम्न है – (a) बोरेक्स से बोरिक एनहाईड्राइड प्राप्त करना : जब बोरेक्स की… Continue reading »

P ब्लॉक के तत्व p block elements class 12 in hindi , वर्ग 13 के तत्व (बोरोन (B) परिवार ) ,एल्युमिनियम

(p block elements) P ब्लॉक के तत्व : वे तत्व जिनमें अंतिम इलेक्ट्रॉन ‘P’ उपकोश में जाते है उन्हें ‘p’ खण्ड के तत्व कहते है। ये तत्व आवर्त सारणी के 13-18 तक के वर्गों में आते है। इनका बाह्यतम इलेक्ट्रॉनिक विन्यास ns2 np1-6 होता।  p उपकोश तीन कक्षको से मिलकर बनते है।  ये Px , Py ,… Continue reading »

अम्ल – क्षार सूचक , ओस्टवाल्ट का सिद्धान्त , क्विनोनॉइड सिद्धांत , अम्ल व क्षार के मध्य अनुमापन 

(acid base indicator in hindi) अम्ल – क्षार सूचक : अम्ल-क्षार का अनुमापन करते समय बाहर से डाले जाने वाले वे पदार्थ जो अंतिम बिंदु की सूचना प्रदान करते है , अम्ल-क्षार सूचक कहलाते है। इन सूचको का रंग H+ की सांद्रता पर निर्भर करता है अत: इन्हें H + या OH– सूचक भी कहते है। सूचकों के सिद्धान्त : सूचकों की… Continue reading »

विलेयता गुणनफल (solubility product in hindi) , विलेयता (S) व विलेयता गुणनफल (KS.P) में सम्बन्ध 

विलेयता गुणनफल (solubility product in hindi) ,  विलेयता (S) व विलेयता गुणनफल (KS.P) में सम्बन्ध 

(solubility product in hindi) विलेयता गुणनफल : निश्चित ताप पर किसी अल्प विलय विद्युत अपघट्य के संतृप्त विलयन में आयनों के गुणनफल को विलेयता गुणनफल कहते है। AgCl ⇌ Ag+  + Cl– 1               0              0 माना AgCl की विलेयता S मोल/लीटर है। 1 – s   … Continue reading »