JOIN us on
WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now

हिंदी माध्यम नोट्स

Categories: chemistryPhysics

उत्प्रेरक किसे कहते हैं , catalysts in hindi definition , उदाहरण उत्प्रेरक अभिक्रिया के लक्षण क्या है

यहाँ हम पढेंगे कि उत्प्रेरक किसे कहते हैं , catalysts in hindi definition , उदाहरण उत्प्रेरक अभिक्रिया के लक्षण क्या है ?

रसायन विज्ञान में कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं , जो अभिक्रिया मिश्रण में यदि सूक्ष्म मात्रा में भी डाले जाए तो वे अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देते है , ऐसे पदार्थ उत्प्रेरक (catalysts) कहलाते है तथा उन्हें निम्न प्रकार से परिभाषित किया जाता है :

“उत्प्रेरक एक ऐसा पदार्थ होता है जो अभिक्रिया के वेग को बढ़ा देता है , परन्तु स्वयं अपरिवर्तित रहता है एवं अभिक्रिया समाप्ति पर उसे पृथक से प्राप्त किया जा सकता है | वस्तुतः यह अभिक्रिया में भाग लेता है परन्तु किसी अन्य पद में वह मुक्त हो जाता है इसलिए शुद्ध (net) रूप से वह उत्प्रेरक अपरिवर्तित रहता है |”

उत्प्रेरक की सहायता से किसी अभिक्रिया के वेग को बढाने का प्रक्रम उत्प्रेरण (catalysis) कहलाता है |

उत्प्रेरक अभिक्रियाओं के लक्षण (characteristics of catalyzed reactions)

अधिकांश उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं में निम्नलिखित लक्षण पाए जाते है :

(1) उत्प्रेरक का अपरिवर्तित रहना (to remain unchanged of a catalyst) : उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं का सबसे मुख्य लक्षण यह है कि अभिक्रिया की समाप्ति पर उत्प्रेरक का रासायनिक संघटन तथा मात्रा दोनों ही अपरिवर्तित रहते है , यद्यपि उसकी भौतिक अवस्था अवश्य परिवर्तित हो सकती है | उदाहरणार्थ , निम्नलिखित अभिक्रिया

2KClO3 à 2KCl + 3O2

के प्रारंभ में उत्प्रेरक MnO2 दानेदार अवस्था में होता है परन्तु अभिक्रिया समाप्ति पर इसकी भौतिक अवस्था चूर्ण रूप में आ जाती है , शेष इसका संघटन तथा मात्रा वही रहती है जो अभिक्रिया के प्रारंभ में थी |

(2)  उत्प्रेरक की सूक्ष्म मात्रा में आवश्कता (catalyst required in small amounts) : उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं में सामान्यतया उत्प्रेरक की अत्यंत सूक्ष्म मात्रा में ही आवश्कता पड़ती है | उदाहरणार्थ , निम्न अभिक्रिया :

2H2O2 à 2H2O + O2

में कोलाइडी प्लेटिनम का केवल एक ग्राम परमाणु प्रति 108 लीटर सांद्रता में प्रभावी उत्प्रेरक का कार्य करता है | इसी प्रकार

2Na2SO3 + O2 à 2Na2SO4

अभिक्रिया में केवल एक ग्राम आयन Cu2+ प्रति 106 लीटर में प्रभावी उत्प्रेरक का कार्य कर लेता है |

उपर्युक्त के विपरीत कुछ उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं का वेग उत्प्रेरक की सांद्रता पर निर्भर करता है | उदाहरणार्थ , सुक्रोस का प्रतिपन (जल अपघटन)

C12H22O11 + H2O à C6H12O6 + C6H12O6

अम्लीय माध्यम में संपन्न होता है तथा अम्ल की सांद्रता बढ़ने से इस अभिक्रिया के वेग में वृद्धि होती है |

कुछ विषमांगी उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं का वेग उत्प्रेरक की सतह के क्षेत्रफल पर निर्भर करता है इसी कारण उन उत्प्रेरकों को महीन चूर्ण अवस्था में लिया जाता है |

(3) एक उत्क्रमणीय अभिक्रिया की साम्य अवस्था की स्थिति का उत्प्रेरक से अप्रभावित रहना (position of equilibrium in a reversible reaction remains unchanged with catalyst) : बोडेस्टीन ने बताया कि किसी उत्क्रमणीय अभिक्रिया में उत्प्रेरक की उपस्थिति से साम्य अवस्था को शीघ्रता से तो प्राप्त किया जा सकता है परन्तु उसकी स्थिति को नहीं बदला जा सकता क्योंकि वह दोनों की अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित कर देता है | उदाहरणार्थ अभिक्रिया

2SO2 + O2 ⇌ 2SO3

में उत्प्रेरक की उपस्थिति से अभिक्रिया का वेग तो बढाया जा सकता है परन्तु ताप और दाब की निश्चित परिस्थितियों में उत्पाद SO3 की यील्ड (yield) को नहीं बढाया जा सकता |

(4) उत्प्रेरक अभिक्रिया की प्रारंभ में नहीं करता (catalyst does not initiate a reaction) : यदि कोई अभिक्रिया हो ही नहीं रही होगी तो उसमे उत्प्रेरक कुछ नहीं कर सकता परन्तु यदि कोई अभिक्रिया हो रही है भले ही बहुत मंद गति से संपन्न हो रही हो , उसमें यदि उपयुक्त उत्प्रेरक डाल दिया जाए तो अभिक्रिया का वेग बहुत बढ़ जायेगा |

(5) उत्प्रेरकों की विशिष्टता (specificity of catalysts) : अधिकांशत: उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं में उत्प्रेरक विशिष्टता दर्शाते है | उदाहरणार्थ MnO2उत्प्रेरक KClO3 के विघटन के लिए तो उत्प्रेरक का कार्य करता है परन्तु KClO4 अथवा KNO3 के विघटन में इसका कोई योगदान नही होता | समस्त एंजाइम उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं में विशिष्ट होते है | उदाहरणार्थ , एंजाइम माल्टेस α-ग्लाइकोसिडीक बन्धन के लिए विशिष्ट है अत: यह माल्टोस को तो जल अपघटित कर देता है परन्तु β ग्लाइकोसिडीक बंधन वाले लैक्टोस पर इसका कोई प्रभाव  नहीं पड़ता |

संक्रमण धातुएं उदाहरणार्थ आयरन , निकल , प्लेटिनम , पैलेडियम आदि इसके अपवाद है जिनमें उत्प्रेरकीय गुण इतना अधिक होता है कि वे कई कई अभिक्रियाओं को उत्प्रेरित कर देते है |

(6) अभिक्रिया के उत्पादों का अपरिवर्तित न रहना (nature of products remain unchanged) : उत्प्रेरकीय अभिक्रियाओं में किसी उत्प्रेरक की उपस्थिति से केवल उस अभिक्रिया के वेग को बढाया जा सकता है , अभिक्रिया के उत्पादों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता है | उदाहरणार्थ , नाइट्रोजन और हाड्रोजन उपयुक्त ताप और दाब की पसिस्थितियों में क्रिया करके अमोनिया बनाते है :

N2 + 3H2 ⇌ 2NH3

तो इस अभिक्रिया में अमोनिया तो बनेगी ही चाहे उत्प्रेरक का प्रयोग किया जाए या नहीं | इसी प्रकार KClO3 के विघटन पर भी KCl और O2 ही बनेंगे , इनकी प्रकृति पर उत्प्रेरक का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा |

यद्यपि इसके कुछ अपवाद है जिनमें उत्प्रेरक की उपस्थिति से उत्पाद की प्रकृति बदलती है |

(7) उत्प्रेरकों का विषमय होना (poisoning of catalysts) : कुछ अशुद्धियाँ कभी कभी उत्प्रेरकों को विषमय बना देती हैं जिससे अभिक्रिया के वेग में वृद्धि के स्थान पर कमी हो जाती है | उदाहरणार्थ अभिक्रिया

2SO2 + O2 à 2SO3

में यदि थोड़ी सी मात्रा भी आर्सेनिक यौगिकों की विद्यमान हो तो अभिक्रिया का वेग बहुत कम हो जाता है | इसलिए आजकल H2SO4 निर्माण की संपर्क विधि में Pt एस्बेस्टोज उत्प्रेरक के स्थान पर वैनेडियम पेंटोक्साइड (V2O5) उत्प्रेरक का उपयोग किया जाता है क्योंकि यह अशुद्ध से उतना विषमय नहीं हो पाता |

Sbistudy

Recent Posts

Question Tag Definition in english with examples upsc ssc ias state pcs exames important topic

Question Tag Definition • A question tag is a small question at the end of a…

2 weeks ago

Translation in english grammer in hindi examples Step of Translation (अनुवाद के चरण)

Translation 1. Step of Translation (अनुवाद के चरण) • मूल वाक्य का पता करना और उसकी…

2 weeks ago

Report Writing examples in english grammer How to Write Reports explain Exercise

Report Writing • How to Write Reports • Just as no definite rules can be laid down…

2 weeks ago

Letter writing ,types and their examples in english grammer upsc state pcs class 12 10th

Letter writing • Introduction • Letter writing is an intricate task as it demands meticulous attention, still…

2 weeks ago

विश्व के महाद्वीप की भौगोलिक विशेषताएँ continents of the world and their countries in hindi features

continents of the world and their countries in hindi features विश्व के महाद्वीप की भौगोलिक…

2 weeks ago

भारत के वन्य जीव राष्ट्रीय उद्यान list in hin hindi IAS UPSC

भारत के वन्य जीव भारत में जलवायु की दृष्टि से काफी विविधता पाई जाती है,…

2 weeks ago
All Rights ReservedView Non-AMP Version
X

Headline

You can control the ways in which we improve and personalize your experience. Please choose whether you wish to allow the following:

Privacy Settings
JOIN us on
WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now