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फिटिंग अभिक्रिया , मेथिलिन क्लोराइड, क्लोरोफॉर्म, आयोडोफॉर्म , फ्रेऑन , D.D.T

फिटिंग अभिक्रिया : जब हैलोबेंजीन की किया सोडियम (Na) के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में की जाती है तो डाई फेनिल बनता है। 2(C6H5-X) + 2Na → C6H5 -C6H5  + 2NaX वुर्टज फिटिंग अभिक्रिया : जब हैलोबेंजीन की क्रिया एल्किल हैलाइड के साथ शुष्क ईथर की उपस्थिति में की जाती है तो एल्किल बेंजीन बनता है। C6H5-X +… Continue reading »

नाभिक रागी या स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया , धारण , प्रतिलोमन , रसिमीकरण

धारण (retention) : जब किसी रासायनिक अभिक्रिया में असममित केंद्र के बंधो के त्रिविमीय विन्यास की अखण्डता बनी रहती है तो उसे विन्यास का धारण कहते है। उपरोक्त अभिक्रिया में असममित केंद्र से बंधित कोई भी बंध नहीं टूटता है अतः क्रियाफल का विन्यास क्रिया कारक के विन्यास के समान रहता है इसे विन्यास का… Continue reading »

ध्रुवण घूर्णक यौगिक , किरल केंद्र , प्रतिबिम्ब रुपी , रसेमिक मिश्रण , काइरल , एकाइरल

1. अध्रुवित प्रकाश : साधारण प्रकाश तरंग संचरण की दिशा के लंबवत कम्पन्न करता है , सभी कम्पन्न समान होते है। 2. समतल ध्रुवित प्रकाश : जब साधारण प्रकाश को निकॉल प्रिज्म में से गुजारा जाता है तो वह एक ही तल में कम्पन्न करता है इसे समतल ध्रुवित प्रकाश कहते है। ध्रुवण घूर्णक यौगिक… Continue reading »

SN अभिक्रिया , प्रकार , SN1 , SN2 नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन , उदाहरण , क्रिया विधि

नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया (SN अभिक्रिया) (nucleophilic substitution reaction) : वे अभिक्रिया जिनमे एक नाभिक स्नेही के स्थान पर दूसरा नाभिक स्नेही आता है , उन्हें नाभिक स्नेही प्रतिस्थापन अभिक्रिया कहते है। इन्हे SN अभिक्रिया के नाम से भी जाना जाता है। ये क्रियाएँ दो प्रकार की होती है। SN1 SN2 SN1अभिक्रिया या एकाणुक नाभिक… Continue reading »

सेत्जेफ नियम , क्रिया करने पर क्या बनते है Saytzeff’s Rule , वुर्ट्ज अभिक्रिया

सेत्जेफ नियम (Saytzeff’s Rule) : जब किसी एल्किल हैलाइड का विहाइड्रो हैलोजनीकरण किया जाता है तो वह एल्कीन ज़्यादा बनती है जिससे द्विबंध से जुड़े कार्बन पर अधिक एल्किल समूह जुड़े हो। नोट : उपरोक्त क्रिया में α कार्बन से हैलोजन तथा β कार्बन से H – निकलता है अतः इसे β विलोपन भी कहते है। KCN से क्रिया करने पर सायनाइड… Continue reading »

हैलोजन विनिमय विधि , फिंकेल्स्टाइन , स्वार्ट्स अभिक्रिया , भौतिक गुण , रासायनिक गुण

हैलोजन विनिमय विधि : फिंकेल्स्टाइन अभिक्रिया (Finkelstein reaction): जब एल्किल क्लोराइड या ब्रोमाइड की क्रिया NaI से की जाती है तो एल्किल आयोडाइड बनते है। R-X + NaI → R-I + NaX स्वार्ट्स अभिक्रिया (Swarts Reaction): जब R-Cl अथवा R-Br की क्रिया AgF से की जाती है तो एल्किल फ्लोराइड बनते है। R-X + AgF → R-F + AgX एल्किन… Continue reading »

डाई हैलाइड के प्रकार , C-X बंध की प्रकृति , एल्किल हैलाइड बनाने की विधियां

प्रश्न 1 : डाई हैलाइड कितने प्रकार के होते है ? प्रत्येक के दो दो उदाहरण दीजिये। उत्तर : डाई हैलाइड दो प्रकार के होते है निकटवर्ती डाई हैलाइड : इसमें पास पास के कार्बन परमाणुओं पर दो हैलोजन जुड़े होते है , इसका साधारण नाम एल्किलिन डाई हैलाइड है। उदाहरण : एथिलीन डाई हैलाइड… Continue reading »

हैलोजन की परिभाषा क्या है तथा वर्गीकरण , प्रकार

परिचय (Definition of halogen) : जब एलीफेटिक यौगिक (एल्केन) में से H के स्थान पर हैलोजन आता है तो उन्हें हैलोएल्केन कहते है परन्तु जब ऐरोमेटिक यौगिकों में H के स्थान पर हैलोजन आता है तो उन्हें हैलोएरीन कहते है। जैसे : RH → R-X C6H6 → C6H6– X हैलोजन का वर्गीकरण : हैलोजन परमाणु की संख्या के आधार… Continue reading »

जैविक अणु (Biomolecules) notes in hindi 12th class chemistry chapter

12th class chemistry notes in hindi chapter जैविक अणु (Biomolecules) read free rasayan vigyan paath jaivik anu कार्बोहाइड्रेट की परिभाषा क्या है , वर्गीकरण या प्रकार , उदाहरण Carbohydrate in hindi   glucose (C6H12O6) , ग्लुकोस बनाने की विधि , अपचायी व अनअपचायी शर्करा   ग्लूकोज की विवृत श्रृंखला संरचना , चक्रीय संरचना , α व β-… Continue reading »

विटामिन क्या है , प्रकार ,न्यूक्लिक अम्ल , संरचना , RNA तथा DNA में अन्तर , महत्व , एन्जाइम

विटामिन (What is vitamins): आहार के साथ लिए जाने वाले वे कार्बनिक पदार्थ जो विशिष्ट जैविक क्रिया के लिए उत्तरदायी होते है जिससे की जीव की इष्टतम वृद्धि तथा स्वास्थ्य का रख रखाव हो सके उन्हें विटामिन कहते है। विटामिन A , B , C , D , E आदि प्रकार के होते है। विटामिन का वर्गीकरण… Continue reading »