Author Archives: admin

कुछ प्रश्न उत्तर N2 गैस है जबकि अन्य तत्व ठोस अवस्था में होते हैं क्यों ?

प्रश्न 1 : N2 गैस है जबकि अन्य तत्व ठोस अवस्था में होते हैं क्यों ? उत्तर : N का आकार छोटा होने के कारण यह दूसरे नाइट्रोजन परमाणु से pπ -pπ बंध बना लेता है अर्थार्थ नाइट्रोजन के परमाणुओं के मध्य तीन बंद पाए जाते हैं ,N2 के  अणुओं के मध्य दुर्बल वांडरवाल बल… Continue reading »

15 वर्ग के तत्वों के गुण क्या क्या होते है properties of elements of 15 block

What are the properties of elements of 15 classes 15 वर्ग के तत्वों के गुण क्या क्या होते है पी ब्लॉक एलिमेंट्स : वह तत्व जिनमें आखरी इलेक्ट्रॉन p कक्षक में पाया जाता है उन्हें p खंड के तत्व कहते हैं यह आवर्त सारणी के 13 से लेकर 18 तक के वर्ग में आते हैं इस… Continue reading »

उपसहसंयोजक यौगिक (Coordination Compounds) notes in hindi

12th class chemistry hindi notes उपसहसंयोजक यौगिक (Coordination Compounds) द्विकलवण , संकुल या उपसहसंयोजक यौगिक , Ligand definition लिगेंड का वर्गीकरण   कीलेट  लिगेंड ,समन्वय मंडल , उपसहसंयोजन संख्या , होमोलेप्टिक , हेट्रो लेप्टिक संकुल   उपसहसंयोजक यौगिकों का नामकरण Naming Sub-coordinator compounds   संकुल यौगिकों का सूत्र लिखना Write a formula for package compounds  … Continue reading »

उपसहसंयोजक यौगिकों के गुण तथा उपयोग , स्थायित्व Properties and Uses

Properties and Use of Sub-Covalent Compounds उपसहसंयोजक यौगिकों के गुण तथा उपयोग : औषधि के रूप में (As medicine) : सिस –  प्लेटिनम का उपयोग ट्यूमर के निदान में किया जाता है शरीर में कॉपर की अधिकता को कम करने के लिए d- पेनिसिल एमीन से क्रिया की जाती है लेड ( शीशा) के विषैले… Continue reading »

धातु कार्बोनिल यौगिकों में बंधन Bonding between metal carbonyl compounds

Carbonyl compounds कार्बोनिल यौगिक : धातु व कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) की क्रिया से बने ऑक्साइड को कार्बोनिल यौगिक कहते है।  संक्रमण धातुएँ इस प्रकार के यौगिक बनाती है। उदाहरण : [Ni(CO4)] टेट्रा कार्बोनिल निकैलेट (0) धातु कार्बोनिल यौगिकों में बंधन (Bonding between metal carbonyl compounds): धातु कार्बोनिल यौगिकों में अभिक्रिया शीलता बंधन अन्योन्य क्रिया 1. लिगेंड के… Continue reading »

स्पेक्ट्रमी रासायनिक श्रेणी spectral chemical series in hindi

spectral chemical series in hindi स्पेक्ट्रमी रासायनिक श्रेणी : लिगेंड को क्रिस्टल क्षेत्र विपाटन ऊर्जा अर्थार्थ ▲0 के बढ़ते क्रम में रखने पर जो श्रेणी प्राप्त होती है उसे स्पेक्ट्रमी रासायनिक  श्रेणी कहते हैं | I < Br– < SCN– < Cl– < S2- < F– < OH– < C2O42- < H2O < –NCS  < EDTA4-… Continue reading »

Valence bond theory (VBT) की कमियां drawbacks in hindi

VBT (Valence bond theory) की कमियां : यह सिद्धांत पूर्व अनुमानों पर आधारित है इस सिद्धांत में धातु आयन की प्रकृति पर अधिक ध्यान दिया जाता है जब की  लिगेंड की प्रकृति पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता यह संकुल यौगिकों के रंग तथा स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं करता यह सिद्धांत संकुल यौगिकों के उष्मागतिकी… Continue reading »

वेर्नेर सिद्धांत , संयोजकता बंध सिद्धांत (Connective bond theory) , (werner theory)

(Connective bond theory) (werner theory) वेर्नेर सिद्धांत संयोजकता बंध सिद्धांत उपसहसंयोजक यौगिकों में बंधन :उपसहसंयोजक यौगिकों में बंध की प्रकृति वह गुणों की व्याख्या करने के लिए निम्न सिद्धांत दिए गए |  वेर्नेर सिद्धांत (werner theory): इस सिद्धांत के मुख्य बिंदु निम्न है उपसहसंयोजक यौगिकों में केंद्रीय धातु परमाणु की दो प्रकार की संयोजकता होती है ,… Continue reading »

समावयवता की परिभाषा क्या है , प्रकार , वर्गीकरण

समावयवता : वे यौगिक जिनके अणुसूत्र समान होते है परन्तु उसमे उपस्थित समूहों की व्यवस्था भिन्न भिन्न होती है , जिससे उनके गुण भी भिन्न भिन्न होते है।  वे एक दूसरे के समावयवी कहलाते है इस गुण को समावयवता कहते है। समावयवता का वर्गीकरण : समावयवता सरंचना समावयवता त्रिविम समावयवता सरंचना समावयवता आयनन बंधनी उपसहसंयोजन… Continue reading »

संकुल यौगिकों का सूत्र लिखना Write a formula for package compounds

Write a formula for package compounds संकुल यौगिकों का सूत्र लिखना : संकुल यौगिक का सूत्र लिखते समय निम्न पद काम में आते है संकुल यौगिक में सबसे पहले धनायन व ऋणायन की पहचान करते है। सरल धनायन अथवा सरल ऋणायन का सूत्र आवेश सहित लिखते है। संकुल आयन का सूत्र बड़े कोष्ठक के अंदर… Continue reading »