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अनुलेखन , transcription unit in hindi अनुलेखन इकाई व जीन

transcription unit in hindi अनुलेखन इकाई व जीन अनुलेखन (transcription):- DNA  से RNA  के निर्माण की क्रिया को अनुलेखन कहते है इसमें DNA  अपनी आनुवाँशिक सूचनाओं का प्रतिलिपिकरण RNA  में करता है। DNA =  अनुलेखन =  RNA अनुलेखन क्रिया में 5 से 3 ध्रुवण वाले टेम्पलेट रज्जुक पर की RNA का निर्माण होता है तथा पूरक रज्जुक में T  के स्थान पर… Continue reading »

विकिरण सक्रिय S-35 , P – 35 , DNA  की प्रतिकृति:-(कार्य प्रणाली व एन्जाइम)

Radiation active and working in hindi DNA  की प्रतिकृति:-(कार्य प्रणाली व एन्जाइम) विकिरण सक्रिय S-35 , P – 35 DNA  की आनुवाँशिक पदार्थ है:-  विधि:- जीवाणुभोजी जीवाणुओं का भक्षण करता है इसका स्ंदक ।बुनपेपजपवद व्ििपबमतर्धन दो माध्यमों में किया गया। 1 विकिरण सक्रिय S-35 यह प्रोटीन में पाया जाता है जब जीवाणु भोजी का संकरण जीवाणु पर कराया तथा इसका… Continue reading »

रूपान्तरीय सिद्धान्त के जीव रासायनिक लक्षण , RNA संसार

RNAसंसार रूपान्तरीय सिद्धान्त के जीव रासायनिक लक्षण Biochemical Symptoms of Converted Theory in hindi आनुवाँशिक पदार्थ की खोज:- 1 रूपान्तरीय सिद्धान्त:- फेडरिक ग्रिफिथ 1928 2 स्ट्रेेप्टोकोकस निमोनी न्यूमोकोकत प्रभेद 3 जीवाणु प्रभेद का संवर्धन क्रिया S  प्रभेद चूहे में प्रवेश चूहा मर गया R प्रभेद चूहे में प्रवेश चूहा जीवित रहना S  प्रभेद तापमृत चूहों में प्रवेश… Continue reading »

DNA  कुण्डली का पैकेजिंग , इरविन चारण का तुल्यता नियम

Packaging of DNA horoscope in hindi इरविन चारण का तुल्यता नियम DNA  कुण्डली का पैकेजिंग न्यूक्लिक अम्ल DNA RNA न्यूक्लिऑक्साइड न्यूक्लिओसाइड फास्फेट  न्यूक्लिओसाइड शर्करा नाइट्रोजनी क्षारक शर्करा राइबोस डि ऑक्सी राइबोस   नाइट्रोजनी क्षारक   प्यूरिन पिरिमिडीन  वाटसन व क्रिका का द्विकुण्डलिनी माॅडल:- चित्र  नाइट्रोजनी क्षरक प्यूरीन – पिरिमीडीन = हाइड्रोजन बंध A = T   एडीनोसीन G… Continue reading »

वंशागति तथा विविधता के सिद्धान्त (Principles of Inheritance and Variation)

Principles of Inheritance and Variation notes in hindi वंशागति तथा विविधता के सिद्धान्त आनुवांशिक लक्षण , आनुवांशिकी , आनुवाँशिक का जनक , आनुवांशिकता /वंशागति   मेन्डल की सफलता के कारण , पनेट वग विधि , मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया, 7 लक्षणों पर प्रयोग किये   मेण्डल का नियम , मेण्डलनिय अपवाद , प्रभाविता &… Continue reading »

मेण्डलीय विकार या जीन उत्परिवर्तन के कारण

mendeliy vikar ya jeen utparivatran ke karan मेण्डलीय विकार या जीन उत्परिवर्तन के कारण in hindi उत्परिवर्तन जीनो में अक्समता होने वाले परिवर्तन जो वंशानुगत होते है उनके उत्परिवर्तन कहते है। इनमें क्छ। क्षारकों में परिवर्तन होता है जिससे जीन के जीनोटाइप एवं फनोटाइप लक्षण बदल जाते है।  मेण्डलीन विकार:-  जीन उत्परिवर्तन के कारण… Continue reading »

वंशानुगति का गुणसूत्रीय सिद्धान्त क्रोमोसोमवाद (chromosomal theory of heredity)

(chromosomal theory of heredity in hindi ) वंशानुगति का गुणसूत्रीय सिद्धान्त क्रोमोसोमवाद – वल्टर सदन व थियोडोर बोमेरी 1902:- सटन और बीमेरी ने गुणसूत्र की संख्या एवं जीव विनिमय की क्रिया विधि को मेण्डलीय नियमों केसाथ जोडकर अनुगाँशिकता का एक नया सिद्धान्त दिया जिसे वंशानुगति का गुणसूत्रीय सिद्धान्त कहा जाता है। इसके अनुसार:- गुणसूत्र जीव… Continue reading »

मेडल का तृतीय नियम , स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम, & अपवाद

law of independent assortment in hindi  मेडल का तृतीय नियम & अपवाद :-  स्वतंत्र अपव्यूहन का नियम:- एक लक्षण की वंशानुगति दूसरे लक्षण की वंशानुगति से प्रभावित नहीं होती है एक पीढी से दूसरी पीढी में लक्षणों की वंशानुगति स्वतंत्र रूप से होती है। इसे स्वतंत्र अपव्यहून का नियम कहते है। इसे द्विसंकर संकरण… Continue reading »

मेण्डल का नियम , मेण्डलनिय अपवाद , प्रभाविता & पृथक्करण का नियम

mendel law and exception in hindi प्रभाविता & पृथक्करण का नियम , मेण्डल का नियम , मेण्डलनिय अपवाद 1 मेण्डल का प्रथम नियम:- प्रभाविता का नियम:- लक्षण कारक के रूप में होते है। कारक जोड़े में नहीं होते है। यदि कारक असमान हो तो पीढी में जो लक्षण प्रकट होते है उसे प्रभावी लक्षण कहते है तथा जो… Continue reading »

मेन्डल की सफलता के कारण , पनेट वग विधि , मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया, 7 लक्षणों पर प्रयोग किये

मेण्डल ने उधान मटर के उपलक्षणों का चुनाव किया तथा 7 लक्षणों पर प्रयोग किये, पनेट वग विधि ,  मेण्डल की सफलता के कारण Due to Mendel’s success in hindi मेण्डल की सफलता के कारण:- 1- मेण्डल ने अपने अध्ययन के लिए उधान मटर पाइसम सेयइवन का चुनाव किया क्योकि:- 1 शकीय पादप:- कम जगह घेरता है। 2… Continue reading »