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द्वितीय व्यवसाय , secondary secondary in hindi , विश्व के प्रमुख उद्योग , जनसंख्या को प्रभावित करने वाले कारक :

द्वितीय व्यवसाय  1. स्वामित्व : सार्वजनिक निजी संयुक्त 2. आकार के आधार पर : कुटीर लघु मध्यम वृहत 3. कच्चे माल : कृषि खनिज रसायन वन पशु 4. उत्पाद के आधार पर : मूलभूल उपभोक्त 1. स्वामित्व के आधार पर (i) सार्वजनिक : ऐसे उद्योग जिन पर सरकार व भारत के सभी लोगो (नागरिको) का अधिकार… Continue reading »

सापेक्ष विन्यास पद्धति (relative configuration method) , E/Z method , निरपेक्ष विन्यास पद्धति (absolute configuration method) (R/S)

सापेक्ष विन्यास पद्धति (relative configuration method) : इसमें एक कार्बनिक यौगिक को आधार मानकर दूसरे कार्बनिक यौगिक का नाम लिखा जाता है।  इसे सापेक्ष विन्यास पद्धति कहते है। यह पद्धति सर्वप्रथम रोजनाफ द्वारा 1906 में दी गयी। इस पद्धति का विस्तार हुड्सन द्वारा 1949 में किया गया। इस पद्धति द्वारा ग्लूकोस यौगिको के नाम glyceraldehyde… Continue reading »

द्वितीय व्यवसाय (secondary business) , द्वितीय व्यवसाय का वर्गीकरण , विशेषताएं , लोहा इस्पात steel in hindi

अध्याय 9 : द्वितीय व्यवसाय (secondary business) द्वितीय व्यवसाय (secondary business in hindi) : प्राथमिक व्यवसाय से प्राप्त कच्चे पदार्थ ये जहाँ परिवर्तन व परिमार्जन का काम होता है इससे इसके मूल्य में बढ़ोतरी हो जाती है , उसे द्वितीयक व्यवसाय कहते है। उदाहरण : कपास से धागा – धागा से कपडा बनाना ऊर्जा उत्पादन विनिर्माण… Continue reading »

किरेलता (chirality) या असममित कार्बन (asymmetric carbon) , अकिरेल (Achiral) या सममित (symmetric)

किरेलता (chirality) या असममित कार्बन (asymmetric carbon) : यदि किसी कार्बनिक यौगिक में कार्बन से चार भिन्न समूह जुड़े हो तो ऐसे कार्बन को किरेल कार्बन व ऐसे यौगिक को कीरेल यौगिक कहते है। किरेल कार्बन को असममित कार्बन के नाम से भी जाना जाता है। किरेल यौगिक प्रकाशिक समावयवता दर्शाते है। कीरेल यौगिको के… Continue reading »

कृषि , agriculture in hindi , कृषि के प्रकार , मिश्रित कृषि , प्रारंभिक स्थायी कृषि व स्थानान्तरण , agriculture types

कृषि : प्राथमिक व्यवसाय है , यह कृषि का सम्बन्ध फसल उत्पादन से है , कृषि क्षेत्र को भौतिक विशेषताएं , फसलो व कृषि उत्पादन में प्रयुक्त सघनो के जाघार पर कई भागो में बाँटा है। कृषि के प्रकार :- स्थानान्तरण कृषि प्रारंभिक स्थायी कृषि जीवन निर्वहन कृषि विरतुत वाणिज्य अनाज कृषि बागाती / बागानी /… Continue reading »

ज्यामितीय समावयवता (geometrical isomerism) , प्रकाशिक समावयवता (optical isomerism) , specific optical activity

त्रिविम रसायन (stereochemistry) : रसायन विज्ञान की वह शाखा जिससे यौगिक की त्रिविम संरचना का अध्ययन किया जाता है , त्रिविम रसायन कहलाता है। इसमें यौगिक की 3D संरचना को कागज के तल पर 2D संरचना के रूप में अध्ययन किया जाता है। समावयवता (isomerism) : वे कार्बनिक यौगिक जिनके अणु सूत्र तो समान होते… Continue reading »

पशुपालन , Animal Husbandry in hindi , आखेट व संग्रहण , मत्स्यन , पशुचारण , पशु चारण 

आखेट व संग्रहण : यह वन आवरण में किया जाता है। दक्षिणी पूर्वी एशियाई आंतरिक क्षेत्र में संग्रहण होता है।  यह संग्रहण पर्वत में ही होता है। विश्व में संग्रहण : विश्व स्तर पर संग्रहण इन सबका होता है – विभिन्न प्रकार की पत्तियों का , लकडियो का , कंद मूल , जड़ी बूटियो का और भारत… Continue reading »

मानव व्यवसाय , manav vyvsay , प्राथमिक व्यवसाय , द्वितीयक व्यवसाय , प्राचीन काल , आखेट व संग्रहण

मानव व्यवसाय : मानव अपनी आजीविका के लिए कार्य करता है , मानव व्यवसाय कहलाता है। प्राथमिक व्यवसाय: ऐसे क्रियाकलाप जिससे हमें कच्चा पदार्थ प्राप्त होता है। उदाहरण : खनन , मत्स्यन , वानिकी , खेती-बाड़ी , पशुपालन। द्वितीयक व्यवसाय: जहाँ पर प्राथमिक क्रियाकलाप से कच्चा पदार्थ प्राप्त कर उसमे परिवर्तन व परिभाजन तो इससे मूल्य में बढ़ोतरी… Continue reading »

जेनर डायोड , zener diode in hindi , फोटो डायोड , photodiode in hindi

डायोड के लिए गतिक प्रतिरोध : कोई भी P-N संधि डायोड एक आरेखीय युक्ति होती है।  इसलिए डायोडो के के लिए स्थैतिक प्रतिरोधो की जगह उनके गतिक प्रतिरोध के मान ज्ञात किये जाते है।  किसी भी डायोड के लिए गतिक प्रतिरोध निम्न दो प्रकार के होते है – 1. अग्र गतिक प्रतिरोध : किसी डायोड… Continue reading »

n-p संधि डायोड एवं उसके अभिलाक्षणिक वक्र ,characteristics of p-n junction diode in hindi

p-n संधि डायोड एवं उसके अभिलाक्षणिक वक्र : जब किसी P-N संधि को परिपथो में जोड़ा जाता है तो इसके लिए उसके P तथा N सिरों पर धात्विक इलेक्ट्रोड बनाये जाते है , इस प्रकार बनी युक्ति को ही P-N संधि डायोड कहा जाता है। इसे अर्द्धचालक डायोड भी कहते है। किसी भी डायोड के… Continue reading »