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फैराडे के विद्युत अपघटन के नियम , फैराडे का विद्युत अपघटन का प्रथम , द्वितीय नियम (faraday’s law of electrolysis in hindi)

(faraday’s law of electrolysis in hindi) फैराडे के विद्युत अपघटन के नियम , फैराडे का विद्युत अपघटन का प्रथम , द्वितीय नियम :फैराडे का नियम पढने से पहले हम कुछ विद्युत अपघटन के बारे में पढ़ लेते है , जब किसी विद्युत अपघट्य को विलयन या जल आदि में घोला जाता है तो विद्युत अपघट्य , धनात्मक और ऋणात्मक आयनों में विभक्त हो जाता है , धन आयन और ऋण आयन में टूटने के बाद , धन आयन उस इलेक्ट्रोड की तरफ गति करते है जो इलेक्ट्रोड बैट्री के ऋण सिरे से जुडा हुआ है और ऋण आयन उस इलेक्ट्रोड की तरफ गति करते है जो इलेक्ट्रोड बैटरी के धन सिरे से जुड़ा हुआ रहता है।

उदाहरण : जब विद्युत अपघट्य जैसे धातु सल्फेट को जल में घोला जाता है तो यह धनात्मक और ऋणात्मक आयन में टूट जाता है , इस अपघट्य के धनावेशित कण या धन आयन उस इलेक्ट्रोड क तरफ गति करते है जो बैट्री के ऋण सिरे से जुडा है जहाँ ये धनात्मक आयन इससे इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर लेते है और उदासीन हो जाते है और शुद्ध धातु के कण के रूप में परिवर्तित हो जाते है , और इलेक्ट्रोड पर जमा हो जाते है। तथा इस अपघट्य के ऋणावेशित आयन उस इलेक्ट्रोड की तरफ गति करते है जो बैट्री के धनात्मक सिरे से जुडा हुआ रहता है जहाँ ये ऋणात्मक आयन अपना अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन त्याग देते है और SO4 में परिवर्तित हो जाते है। हालाँकि यह SO4 विद्युत उदासीन अवस्था में नहीं पाया जाता है इसलिए यह धात्विक धनात्मक इलेक्ट्रोड पर आक्रमण करता है और दोबारा पानी में घुल जाता है।

फैराडे ने विद्युत अपघटन से सम्बंधित दो नियम दिए जो निम्न प्रकार है –

1. फैराडे का विद्युत अपघटन का प्रथम नियम : किसी विद्युत अपघटन के दौरान किसी इलेक्ट्रोड से मुक्त हुई पदार्थ की मात्रा , प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा की मात्रा या  मान के समानुपाती होती है , यही फैराडे का प्रथम (पहला) नियम कहा जाता है।

माना किसी विद्युत अपघटन के दौरान किसी इलेक्ट्रोड से w ग्राम पदार्थ मुक्त हो रहा है तथा Q कुलाम धारा प्रवाहित हो रही है तो फैराडे के नियम के अनुसार W का मान Q के समानुपाती होता है –

W ∝ Q

इसे ही फैराडे का प्रथम नियम कहते है।

W = ZQ

यहाँ Z एक नियतांक है जिसे मुक्त हुए आयन का विद्युत रासायनिक तुल्यांक कहते है।

2. फैराडे का विद्युत अपघटन का द्वितीय नियम : इस नियम के अनुसार अलग अलग विद्युत अपघट्यो के विलयन में समान विद्युत धारा , समान समय के लिए प्रवाहित करने पर , इलेक्ट्रोडो से मुक्त हुए पदार्थ की मात्रायें , उनके तुल्यंकी भार के समानुपाती होती है।

फैराडे के प्रथम से नियम से –

W = ZQ

फैराडे के द्वितीय नियम के अनुसार भिन्न भिन्न विद्युत अपघट्य विलयन में समान धारा , समान समय के लिए प्रवाहित करने पर , इलेक्ट्रोड से मुक्त पदार्थ की मात्रा उनके तुल्यांकी भार के समानुपाती होता है।
माना प्रत्येक विद्युत अपघट्य विलयन में Q धारा को प्रवाहित किया जाता है।
माना दो विद्युत अपघट्य विलयन है , पहली स्थिति में Q धारा प्रवाहित करने पर w1 ग्राम मात्रा इलेक्ट्रोड से मुक्त होती है इस स्थिति में पदार्थ का विद्युत रासायनिक तुल्यांक z1 है तो –
प्रथम विद्युत अपघट्य के लिए w1 = Z1 x Q
दूसरी स्थिति में भी समान धारा अर्थात Q धारा को दुसरे विद्युत अपघट्य में प्रवाहित किया जाता है जिसका विद्युत रासायनिक तुल्यांक Z2 है तथा इलेक्ट्रोड से मुक्त पदार्थ की मात्रा w2 है तो –
द्वितीय विद्युत अपघट्य के लिए W2 = Z2 x Q
समीकरण 1 में दो का भाग देने पर
w1/w2 = Z1/Z2
यही फैराडे का विद्युत अपघटन का द्वितीय नियम है।