बीजपत्राधार और बीजपत्रोपरिक में अंतर क्या है ? इनमें विभेद करें Differences between Hypocotyl and Epicotyl

बीजपत्राधार और बीजपत्रोपरिक में अंतर क्या है ? इनमें विभेद करें Differences between Hypocotyl and Epicotyl

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Differences between Hypocotyl and Epicotyl in hindi बीजपत्राधार और बीजपत्रोपरिक में अंतर क्या है ? इनमें विभेद करें ?

बीजपत्राधार और बीजपत्रोपरिक के मध्य विभेद निम्नलिखित है –

बीजपत्राधार (Hypocotyl) बीजपत्रोपरिक (Epicotyl)
1.     भ्रूण के बीजाक्ष (tigellum) का वह हिस्सा अथवा भाग जो बीजपत्र तथा मूलांकुर के बीच में स्थित होता है , उसे ही बीजपत्राधार कहते है।

2.    जब बीज का अंकुरण होता है तो मृदा के ऊपर बीजपत्र आ जाता है अर्थात बीज के अंकुरण के समय बीजपत्राधार में तीन वृद्धि के कारण बीजपत्र मृदा से ऊपर आ जाते हैं : जैसे – अरण्डी, सेम आदि में होता है।

भ्रूण के बीजाक्ष का वह हिस्सा अथवा वह भाग जो बीजपत्र और प्रांकुर के बीच में स्थित होता है , उसे ही बीजपत्रोपरिक कहते है।

 

इसमें जब बीज का अंकुरण होता है तो बीज पत्र मृदा के अन्दर ही रह जाता है अर्थात बीज के अंकुरण के समय बीजपत्रोपरिक में तीव्र वृद्धि होने के कारण बीजपत्र मृदा में ही रह जाते हैं : जैसे-चना, मक्का आदि में यह पाया जाता है।

बीज पत्राधार की परिभाषा क्या है ?

उत्तर : भ्रूणीय अक्ष का वह भाग या हिस्सा जो द्विबीजपत्री भ्रूण में बीजपत्र के नीचे उपस्थित होता है , हाइपोकोटिल या बीजपत्राधार कहलाता है।

बीज पत्रोपरिक किसे कहते हैं ?

उत्तर : भ्रूणीय अक्ष का वह हिस्सा जो द्विबीजपत्री भ्रूण में बीजपत्र के ऊपर उपस्थित होता है , उसे एपिकोटिल या बीजपत्रोपरिक कहते है।