पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का स्रोत क्या है , प्रमुख , मुख्य | main original source energy in most ecosystems

By  
सब्सक्राइब करे youtube चैनल

main original source energy in most ecosystems in hindi पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का स्रोत क्या है , प्रमुख , मुख्य ?

1. निम्नलिखित में से किसको औद्योगिक अंतर्वाह के कारण होने वाले जल प्रदूषण को नियंत्रित करने में उपयोगी पाया गया है?
(अ) जल सम्बुल (ब) हाथी घास
(स) पार्थेनियम (द) (ब) और (स) दोनों
S.S.C.CPO परीक्षा, 2012
उत्तर-(अ)
जलकुंभी (पिस्टिया स्ट्रेटिओट्स- च्पेजपं ैजतंजपवजमे) एक जलीय पौधा है जो एशिया, अफ्रीका और अमेरिका के उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी भारतीय प्रजाति वार (Var) के नाम से जानी जाती है। इसमें मच्छर के लार्वा को शरण मिलती है जो फाइलेरिया फैलाता है। इसमें पुष्प गर्म मौसम में और फल बरसात के बाद निकलते हैं। इसे औद्योगिक अंतर्वाह के कारण होने वाले जल प्रदूषण को नियंत्रित करने में उपयोगी पाया गया है।
2. आहार श्रृंखला में, पादपों द्वारा प्रयुक्त सौर ऊर्जा होती है केवल-
(अ) 10 प्रतिशत (ब) 1 प्रतिशत
(स) 0.1 प्रतिशत (द) 0.01 प्रतिशत
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2011
उत्तर-(ब)
एक पारिस्थितिक तंत्र को प्राप्त ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य ही है जिसमें से केवल 1 प्रतिशत से 3 प्रतिशत पादपों द्वारा प्रयुक्त होता है जिससे प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया संपन्न होती है। पादपों (उत्पादक) द्वारा प्रयुक्त कुल ऊर्जा का केवल 10 प्रतिशत शाकाहारियों को प्राप्त होता है जिसका 10 प्रतिशत अगली आहार-शृंखला (मांसाहारी) को प्राप्त होता है।
3. पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का स्रोत है-
(अ) सूर्य
(ब) हरे पौधे
(स) प्रकाश-संश्लेषण में पैदा होने वाली शर्करा
(द) ए.टी.पी.
S.S.C. (डाटा एंट्री ऑपरेटर) परीक्षा, 2009
उत्तर-(अ)
उपर्युक्त प्रश्न की व्याख्या देखें।
4. किस चीज को अधिक खाने से ही केवल पृथ्वी की अधिक जनसंख्या का भरण-पोषण किया जा सकता है?
(अ) भेड़-बकरे का मांस (ब) अंडे
(स) वनस्पति उत्पाद (द) गोमांस
S.S.C. संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2011
उत्तर-(स)
वनस्पति उत्पादों को खाने से पृथ्वी की अधिक जनसंख्या का भरण-पोषण किया जा सकता है।
5. भोजन, प्रकाश और स्थान की प्रतिस्पर्धा कहां पर सबसे अधिक गंभीर है?
(अ) एक ही क्षेत्र में या नीके में पैदा होने वाली निकट संबंधित प्रजातियां (ब) विभिन्न स्थानों में पैदा होने वाली निकट संबंधित प्रजातियां
(स) एक ही स्थान पर पैदा होने वाली दूरवर्ती संबंधित प्रजातियां
(द) विभिन्न स्थानों में पैदा होने वाली दूरवर्ती संबंधित प्रजातियां
S.S.C. संयुक्त स्नातक स्तरीय (Tier-I) परीक्षा, 2015
उत्तर-(अ)
एक ही क्षेत्र में या नीके (Niche) में पैदा होने वाली निकट संबंधित प्रजातियों में भोजन, प्रकाश और स्थान की प्रतिस्पर्धा सबसे अधिक गंभीर होती है।
6. निम्न में से कौन-सा किसी पारिस्थितिक तंत्र में एकदिशीय प्रवाह दर्शाता है?
(अ) प्रकाश (ब) ऊर्जा
(स) जल (द) जैवमात्रा (बायोमास)
ैण्ैण्ब्ण्संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2011
उत्तर-(ब)
जीवमंडल या पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रधान स्रोत सूर्य है। पारिस्थितिक तंत्र में सौर्यिक ऊर्जा का निवेश होता है तथा पुनः उसके संघटकों द्वारा ऊर्जा का विभिन्न विधियों से निर्गम होता है। पारिस्थितिक तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह या गमन पोषण स्तरों से होकर होता है। ऊर्जा के जिस भाग का विसरण होता है वह ऊष्मा के रूप में होता है तथा यह वायुमंडल में वापस चली जाती है। ऊर्जा का पारिस्थितिक तंत्र में प्रवाह एकदिशी होता है।
7. प्रकृति के संतुलन को तय करने वाला मुख्य कारक है-
(अ) मानव गतिविधियां (ब) रेबिट और आवास
(स) पर्यावरणीय परिस्थितियां (द) खाद्य की उपलब्धता
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत-प्) परीक्षा, 2012
उत्तर-(स)
संतुलन एक सिद्धांत है जिसके अनुसार प्राकृतिक पारिस्थितिकीय-तंत्र साम्यावस्था में होते हैं। प्रकृति के संतुलन को तय करने वाला मुख्य कारक पर्यावरणीय परिस्थितियां हैं।
8. निम्न में से कौन प्रदूषण नहीं फैलाता?
(अ) रबर का जलना (ब) पेट्रोल का जलना
(स) सौर ऊर्जा का प्रयोग (द) उपर्युक्त सभी
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) परीक्षा, 2012
उत्तर-(स)
सौर ऊर्जा के प्रयोग में प्रदूषण उत्पन्न नहीं होता है, जबकि रबर के जलने में कार्बन डाइऑक्साइड एवं सल्फर डाइऑक्साइड इत्यादि उत्पन्न होती है एवं पेट्रोल के जलने में भी ब्व्2ए ब्व्ए ैव्2 इत्यादि गैसें उत्पन्न होती हैं।
9. निम्नलिखित में से क्या ैव्,प्रदूषण का सर्वोत्तम सूचक है?
(अ) टेरिडोफाइट (ब) शैवाल
(स) लाइकेन (द) ब्रायोफाइट
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत-प्) परीक्षा, 2015
उत्तर-(स)
लाइकेन (स्पबीमद) वायु में सल्फर डाई ऑक्साइड (ैव्2) प्रदूषण के सर्वोत्तम सूचक हैं। ये ैव्2 प्रदूषित वातावरण में तेजी से नष्ट होने लगते हैं।
10. झील में ऊष्मा की अत्यधिक मात्रा के संयोजन को क्या कहते है?
(अ) प्रशीतन प्रभाव (ब) ऊष्मा ब्लूम
(स) ग्रीन हाउस प्रभाव (द) ताप प्रदूषण
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत-प्) परीक्षा, 2015
उत्तर-(द)
झील में ऊष्मा की अत्यधिक मात्रा के संयोजन को ताप प्रदूषण (ज्ीमतउंस च्वससनजपवद) कहते हैं। यह न्यूक्लियर तथा अन्य स्रोतों से उत्पन्न होता है जिसका विभिन्न जीवों पर बुरा असर पड़ता है।
11. निम्न में से किस शैवाल का प्रयोग अंतरिक्ष अनुसंधान में किया जा रहा है?
(अ) हाइड्रोडिक्टिऑन (ब) क्लैडोफोरा
(स) क्लैमाइडोमोनास (द) क्लोरेला
ैण्ैण्ब्ण्संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2012
उत्तर-(द)
क्लोरेला नामक शैवाल का प्रयोग अंतरिक्ष अनुसंधान में किया जाता है। यह भोजन का एक महत्त्वपूर्ण स्रोत माना जाता है। सूखने पर इसमें 45ः प्रोटीन, 20ः वसा और 20ः कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। यह एकल कोशिका वाला हरित शैवाल है जो क्लोरोफाइल संघ से संबंधित है।
12. जैव मंडल से प्राप्त और ऐसे स्रोत कौन-से हैं जिनमें जीवन होता है?
(अ) संभाव्य स्रोत (ब) जैविक स्रोत
(स) अजैविक स्रोत (द) नवीकरणीय स्रोत
ैण्ैण्ब्ण्ब्ण्च्ण्व्ण् परीक्षा, 2013
उत्तर-(ब).
जैव मंडल से प्राप्त और ऐसे स्रोत जिनमें जीवन होता है जैविक द्यस्रोत (ठपवजपब त्मेवनतबमे) कहलाते हैं।
13. ‘समुद्री शैवाल‘ पद का सर्वोत्तम वर्णन निम्नलिखित में से किसके द्वारा किया जाता है?
(अ) बीच पर उगने वाले शैवाल
(ब) समुद्र तल के सूक्ष्म हरे पादप
(स) समुद्र में बहुकोशिक शैवाल उत्पादन
(द) महासागर के परजीवी पादप
ैण्ैण्ब् मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2006
उत्तर-(स)
समुद्री शैवाल जैसे-लेमिनेरिया, सारगासम इत्यादि समुद्र में पाए जाने वाले बहुकोशिक शैवाल हैं।
14. पेय जल में कोलिफॉर्म गणना क्या ज्ञात करने के लिए की जाती है? (अ) निलंबित अपद्रव्यों की मात्रा
(ब) क्लोरिनेशन का प्रभाव
(स) मल संदूषण
(द) कठोरता
ैण्ैण्ब्ण्थ्ण्ब्ण्प्ण् परीक्षा, 2012
उत्तर-(स)
मल संदूषण ज्ञात करने के लिए पेय जल में कोलिफॉर्म गणना की जाती है।
35. कौन-सी पद्धति जैव नियंत्रण के रूप में नहीं प्रयोग की जाती है?
(अ) नाशक जीव के परभक्षी का प्रयोग
(ब) फीरोमोन ट्रैप
(स) पीड़कनाशी का प्रयोग
(द) नीम के निचोड़ का प्रयोग
ैण्ैण्ब्ण्थ्ण्ब्ण्प्ण् परीक्षा, 2012
उत्तर-(स)
जैव नियंत्रण का अर्थ कीटों का नियंत्रण जैविक तरीकों से करने से है। व्यापक अर्थ में, बायो कंट्रोल का अर्थ है, रासायनिक कीटनाशियों का प्रयोग करने के बजाए प्राकृतिक परभक्षियों के प्रयोग के जरिए पीड़क जंतुओं को नियंत्रित करना जबकि पीड़कनाशी ही कीटनाशकों का प्रयोग रासायनिक नियंत्रण के अंतर्गत आने वाले समाधान हैं। अतः उपयुक्त विकल्प (स) है।
36. शैक (लाइकेन) हैं-
(अ) परजीवी (ब) रसायनस्वपोषी
(स) अपघटक (द) सहजीवी
ैण्ैण्ब्ण् मैट्रिक स्तरीय परीक्षा, 2008
उत्तर-(द)
शैक (लाइकेन), शैवाल तथा कवक के बीच सहजीविता को प्रदर्शित करता है कवक जल तथा पोषक तत्त्व शोषित करता है जिसकी सहायता से क्लोरोफिल उपस्थित होने के कारण शैवाल प्रकाश-संश्लेषण द्वारा भोजन का निर्माण करता है।
37. निम्न में कौन-सा सांकेतिक संबंध, लाइकेन निर्मित करता है?
(अ) एक एल्गी तथा एक फंगस
(ब) एक एल्गी तथा एक ब्रायोफाइट
(स) एक बैक्टीरियम तथा एक फंगस
(द) एक बैक्टीरियम तथा एक जिम्नोस्पर्म
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2013
उत्तर-(अ)
लाइकेन, एक एल्गी तथा एक फंगस के बीच सांकेतिक संबंध को निर्मित करता है। इससे पर्यावरण प्रदूषण की माप भी की जाती है।
38. चूना पत्थर के ढांचे बनाने वाले छोटे-छोटे समुद्री जीवों को क्या कहते हैं?
(अ) प्रवालभित्ती (ब) डायटम
(स) क्लेमिटोमोनस (द) फोरामिनिफेरा
ैण्ैण्ब्ण् संयुक्त स्नातक स्तरीय (ज्पमत-प्) परीक्षा, 2013
उत्तर-(द)
चूना-पत्थर के ढांचे का निर्माण करने वाला महत्त्वपूर्ण समुद्री जीव प्रवाल (बवतंस) है जो लाखों-करोड़ों की संख्या में एक समूह में रहते हैं। विकल्प में प्रवाल नहीं प्रवालभित्ती दिया गया है जो प्रवालों के खोल से निर्मित एक संरचना है। उल्लेखनीय है कि फोरामिनिफेरा भी एक सूक्ष्म समुद्री जीव है जो चूना-पत्थर के खोल छोड़ता है। अतः विकल्पानुसार सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर (द) है।
39. वनस्पति जगत के गैर-हरित विषमपोषित पौधे कौन-से होते है?
(अ) फंजाई (ब) मॉसेस
(स) फर्न (द) एल्गी
ैण्ैण्ब्ण्संयुक्त हायर सेकण्डरी (10़2) स्तरीय परीक्षा, 2013
उत्तर-(अ)
कवक (थ्नदहप) वनस्पति जगत के गैर-हरित विषमपोषित पौधे हैं।
40. लिटमस किसमें से निकाला जाता है?
(अ) हल्दी (ब) सिनकोना की छाल
(स) शैवाल/लाइकेन (द) मशरूम
ैण्ैण्ब्ण् मल्टी टास्किंग परीक्षा, 2013
उत्तर-(स)
लिटमस जल में घुलनशील विभिन्न रंजकों का मिश्रण होता है जो थैलोफाइटा समूह के लाइकेन नामक पौधे से निकाला जाता है। प्रायः इसे सूचक की तरह उपयोग किया जाता है।