कौन-सी एक लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी , प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन-सी एक लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी

By   September 27, 2021

1. निम्नलिखित वक्तव्यों में कौन-सा एक वक्तव्य अशोक के प्रस्तर स्तम्भों के बारे में गलत है? [1997,
(अ) इन पर बढ़िया पॉलिश है
(स) यह अखण्ड है
(स) स्तम्भों का शॉफ्ट शुण्डाकार है
(द) ये स्थापत्य संरचना के भाग हैं
2. प्राचीन भारत में निम्नलिखित में से कौन-सी एक लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी? [1997,
(अ) ब्राह्मी (स) देवनागरी
(स) शारदा (द) खरोष्ठी

उत्तर : 2. (द) खरोष्ठी लिपि को जेम्स प्रिंसेप (1799-1840) ने इण्डो-ग्रीक द्विभाषी सिक्कों की सहायता से पढ़ा। इससे अशोक के अभिलेखों को पढ़ने की दिशा में कदम बढ़ाये गये जो खरोष्टी लिपि में लिखे गये एशिया उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में स्थित थे। खरोष्ठी लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी। शेष लिपियां बायीं से दायीं ओर लिखी जाती हैं। शारदा का विकास ब्राह्मी से ही हुआ है। 
3. नचिकेता और यम के बीच सुप्रसिद्ध संवाद उल्लिखित है-ख्1997,
(अ) छान्दोग्योपनिषद् में (स) मुण्डकोपनिषद् में
(स) कठोपनिषद् में (द) केनोपनिषद् में
4. ‘मिलिन्दपन्हो‘ राजा मिलिन्द और किस बौद्ध भिक्षु के मध्य संवाद के
रूप में है? ख्1997,
(अ) नागसेन (स) नागार्जुन
(स) नागभट्ट (द) कुमारिल भट्ट
5. निम्नलिखित में से किस एक राज्यादेश में अशोक के व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मिलता है? [1997,
(अ) कालसी (स) रूम्मिनदेई
(स) विशिष्ट कलिंग राज्यादेश (द) मास्की
6. निम्नलिखित मानचित्र में प्राचीन भारत में पाये जाने वाले सोलह महाजनपदों में से चार दर्शाए गए हैं क्रमशः ।एठएब्एक् द्वारा अंकित स्थल कौन-से हैं? ख्1997,
(अ) मत्स्य, चेदि, कोसल, अंग
(स) सूरसेन, अवन्ति, वत्स, मगध
(स) मत्स्य, अवन्ति, वत्स, अंग
(द) सूरसेन, चेदि, कोसल, मगध
7. महायान बौद्ध धर्म में बोधिसत्व अवलोकितेश्वर को और किस अन्य
नाम से जानते हैं? ख्1997,
(अ) वज्रपाणि (स) मंजुश्री
(स) पद्मपाणि (द) मैत्रेय
8. गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए चाँदी के सिक्के कहलाते थेः
ख्1997,
(अ) रूपक (स) कार्षापण
(स) दीनार (द) पण
9. सूची i को सूची i से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए हुए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिएः ख्1997,
सूची-i(ग्रन्थाकार) सूची-i(मूलग्रन्थ)
अ. वराहमिहिर 1. प्रबन्ध चिन्तामणि
ब. विशाखदत्त 2. मृच्छकटिकम्
स. शद्रक 3. वृहत ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ -संहिता
द. विल्हण 4. देवीचन्द्रगुप्तम
5. विक्रमांकदेवचरित
कूटः
(अ) अ-3 ; ब-4 ; स-5 ; द-2
(स) अ-3 ; ब-4 ; स-2 ; द-5
(स) अ-5 ; ब-3 ; स-4 ; द-1
(द) अ-1 ; ब-3 ; स-5 ; द-2
10. निम्नलिखित में से कौन-सा प्राचीन भारत में व्यापारियों का निगम था? ख्1997,
(अ) चतुर्वेदीमंगलम (स) परिषद
(स) अष्टदिग्गज (द) मणिग्राम
11. पुलकेशिन-प्रथम बादामी शिलालेख शकवर्ष 465 का दिनांकित है। यदि इसे विक्रम संवत् में दिनांकित करना हो तो वर्ष होगाः ख्1997,
(अ) 601 (स) 300
(स) 330 (द) 407
12. यूनानी, कुषाण एवं शकों में से कई ने हिन्दू धर्म के स्थान पर बौद्ध को अपनाया, क्योंकिः ख्1998,
(अ) बौद्ध धर्म का उस समय प्रभुत्व था
(स) उन्होंने युद्ध और हिंसा की नीति का परित्याग कर दिया था
(स) जाति प्रथा से अभिभूत हिन्दू धर्म की ओर वे आकर्षित नहीं हुए (द) बौद्ध धर्म के माध्यम से भारतीय समाज तक पहँच अधिक आसान था।
13. अशोक के जो प्रमुख शिलालेख (त्वबा म्कपबजे) संगम राज्य के विषय में हमें बताते हैं, उनमें सम्मिलित हैंः ख्1998,
(अ) पहला और दसवाँ शिलालेख
(स) पहला और ग्यारहवाँ शिलालेख
(स) दूसरा और तेरहवाँ शिलालेख
(द) दूसरा और चैदहवाँ शिलालेख
14. निम्नलिखित युग्मों में से सही सुमेलित हैः ख्1998,
1. मृच्छकटिकम् – शुद्रक
2. बुद्धचरित – वसुवन्धु
3. मुद्राराक्षस – विशाखदत्त
4. हर्षचरित – बाणभट्ट
नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः
कूटः
(अ) 1, 2, 3 और 4 (स) 1,3 और 4
(स) 1 और 4 (द) 2 और 3
15. भारत में निम्नलिखित के आने का सही कालानक्रम क्या है?
ख्1998,
1. सोने के सिक्के
2. आहत मुद्रा चाँदी के सिक्के
3. .लोहे का हल
4. नगर संस्कृति
नीचे दिए गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः
(अ) 3,4,1,2 (स) 3,4,2,1
(स) 4,3,1,2 (द) 4,3,2,1
16. इस प्रश्न में दो वक्तव्य हैं एक को कथन (अ) तथा दूसरे को कारण (त्) कहा गया है, इन दोनों वक्तव्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर इन प्रश्नों का उत्तर नीचे दिए हुए कूट की सहायता से चुनिएः
कथन (अ)ः अशोक के राजादेशों के अनुसार धार्मिक निष्ठा की अपेक्षा जनता के मध्य सामाजिक समरसता अधिक महत्त्वपूर्ण थी। कारण (त्)ः उसने धर्म संवर्धन के स्थान पर समदृष्टि के विचारों का प्रसार किया। ख्1998,
कूटः
(अ) । और त् दोनों सही है, और त्ए। का सही स्पष्टीकरण है
(स) । और त् दोनों सही है, परन्तु त्ए। का सही स्पष्टीकरण नहींहै
(स) । सही है, परन्तु त् गलत है
(द) । गलत है, परन्तु त् सही है
17. निम्नलिखित युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं? ख्1998,
1. लोथल ः प्राचीन गोदी क्षेत्र
2. सारनाथ ः बुद्ध का प्रथम धर्मोपदेश
3. राजगीर ः अशोक का सिंह स्तम्भ शीर्ष
4. नालन्दा ः बौद्ध अधिगम का महान् पीठ नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-
कूटः
(अ) 1,2,3 और 4 (स) 3 और 4
(स) 1,2 और 4 (द) 1 और 2
18. निम्नलिखित प्राचीन भारतीय अभिलेखों में से कौन-से एक में खाद्यान्न को देश में संकटकाल में उपयोग हेतु सुरक्षित रखने के बारे में प्राचीनतम शाही आदेश है? ख्1998,
(अ) सोहगौरा ताम्रपत्र
(स) अशोक का रुम्मिनदेई स्तम्भ-लेख
(स) प्रयाग प्रशस्ति
(द) चन्द्र का महरौली स्तम्भ शिलालेख
19. अष्टांग मार्ग की संकल्पना अंग हैः ख्1998,
(अ) दीपवंश की विषय वस्तु का
(स) दिव्यावदान की विषय वस्तु का
(स) महापरिनिर्वाण की विषय वस्तु का
(द) धर्मचक्र प्रवर्तन सुत की विषय वस्तु का
20. दिया गया मानचित्र सम्बन्धित हैः ख्1998,
(अ) कनिष्क से, उसकी मृत्यु के समय
(स) समुद्रगुप्त से, उसके दक्षिण भारत अभियान के उपरान्त
(स) अशोक से, उसके शासनकाल के अन्तिम समय
(द) हर्ष के राज्यारोहण के अवसर पर थानेश्वर के साम्राज्य से
21. ईसा की तीसरी शताब्दी में, जबकि हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य समाप्त हो गया, भारतीय व्यापारी अधिकाधिक निर्भर हो गयेः ख्1999,
(अ) अफ्रीकी व्यापार पर
(स) पश्चिमी यूरोपीय व्यापार पर
(स) दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर
(द) मध्य पूर्वी व्यापार पर
22. निम्नलिखित व्यक्ति भारत में किसी न किसी समय आए? ख्1999,
1. फाह्यान 2. इत्सिंग
3. मेगस्थनीज 4. ह्वेनसांग
इनके आगमन का सही कालानुक्रम हैः
(अ) 3,1,2,4 (स) 3,1,4,2
(स) 1,3,2,4 (द) 1,3,4,2
23. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ईसा पूर्व छठी शताब्दी में प्रारम्भ में भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली नगर राज्य था? ख्1999,
(अ) गन्धार (स) कम्बोज
(स) काशी (द) मगध
24. ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के प्रारम्भ में उत्तरी अफगानिस्तान में स्थापित भारत यूनानी राज्य थाः ख्1999,
(अ) बैक्ट्रिया (स) सीथिया
(स) जेडरेसिया (द) आरिया
25. ‘आर्य‘ शब्द इंगित करता हैः ख्1999,
(अ) नृजाति समूह को
(स) यायावरी जन को
(स) भाषा समूह को
(द) श्रेष्ठ वंश को

उत्तर एवं हल सहित व्याख्या 

1. (द) अशोक के पाषाण स्तम्भ धम्म के प्रचार के लिये निर्मित किये गये थे। ये स्थापत्य का भाग नहीं थे।
2. (द) खरोष्ठी लिपि को जेम्स प्रिंसेप (1799-1840) ने इण्डो-ग्रीक द्विभाषी सिक्कों की सहायता से पढ़ा। इससे अशोक के अभिलेखों को पढ़ने की दिशा में कदम बढ़ाये गये जो खरोष्टी लिपि में लिखे गये एशिया उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिम में स्थित थे। खरोष्ठी लिपि दायीं ओर से बायीं ओर लिखी जाती थी। शेष लिपियां बायीं से दायीं ओर लिखी जाती हैं। शारदा का विकास ब्राह्मी से ही हुआ है।
3. (स) ‘कठोपनिषद‘ में नचिकेता तथा यमराज (मृत्यु के देवता) के बीच संवाद है। इसमें नचिकेता शिष्य तथा यमराज गुरु थे।
4. (अ) मिलिन्दपन्हो में इण्डो ग्रीक राजा मिलिन्द (मिनान्डर) और बौद्ध
भिक्षु नागसेन के संवाद हैं। यह पालि भाषा में लिखा गया ग्रंथ
है।
5. (द) अशोक के अभिलेखों में उसके व्यक्तिगत नाम का उल्लेख मास्की, गुर्जरा, नेतूर और उडेगोलम से मिलता है। रुद्रदामन के जूनागढ अभिलेख में भी अशोक के नाम का उल्लेख है।
6. (स) मानचित्र में क्रमशरू ।ए ठए ब्ए और क् द्वारा अंकित महाजनपद है- मत्स्य, अवन्ति वत्स और अंग।
7. (स) अवलोकितेश्वर बोधिसत्व है जो बौद्धों की करूणा के साकार रूप थे। ये महायान शाखा के अत्यन्त पूज्यनीय बोधिसत्वों में से एक थे। संस्कृत में अवलोकितेश्वर को पद्मपाणि (कमल को धारण किये हुए) अथवा लोकेश्वर (विश्व का स्वामी) के रूप में भी इंगित किया गया है।
8. (अ) गुप्त शासकों द्वारा जारी किए गए चाँदी के सिक्के रुपक कहलाते थे, ये 32.36 ग्रेन के थे। गुप्त शासकों में सर्वप्रथम चन्द्रगुप्त द्वितीय ने चाँदी के सिक्के चलाए थे। दीनार सोने के, कर्षापण चांदी व तांबे के (गुप्तपूर्व) तथा पण तांबे का सिक्का था।
9. (स) लेखक (ग्रन्थकार) एवं उनके ग्रन्थ का सही सुमेलन इस प्रकार है –
लेखक (ग्रन्थकार) ग्रन्थ
वाराहमिहिर – वृहत्संहिता
विशाखदत्त – देवीचन्द्रगुप्तम
शुद्रक – मृच्छकटिकम्
विल्हण – विक्रमांकदेवचरितम
10. (द) ‘मणिग्राम‘ पश्चिमी चालुक्य शासकों के समय दक्षिण-भारतीय व्यापारियों की एक प्रभावशाली गिल्ड थी।
11. (अ) शक सम्वत् 78 ई. में प्रारम्भ हुआ, जबकि विक्रम सम्वत् 58 ई. पू. में प्रारम्भ हुआ। अतः यदि हम विक्रमसम्वत् से पुलकेशन-प्रथम का बादामी अभिलेख बदलना चाहते हैं तो ये होगा 465़78़58त्र601 विक्रम संवत्।
12. (स) यूनानी, कुषाण एवं शक शासकों में से कई ने हिन्दू धर्म के स्थान पर बौद्ध धर्म को अपनाया, क्योंकि जाति प्रथा से अभिभूत हिन्दू धर्म की ओर वे आकर्षित नहीं हुए। हिन्दू धर्म में उस समय कई प्रकार की सामाजिक एवं धार्मिक कुरीतियाँ आ गई थीं। इसके विपरीत बौद्ध धर्म की उदारता एवं प्रगतिशीलता से वे काफी प्रभावित एवं आकर्षित हुए।
13. (स) अशोक के दूसरे एवं तेरहवें शिलालेख से हमें संगम राज्य चोल, चेर (केरलपुत्र), पाण्ड्य एवं सतियपुत्र की जानकारी मिलती है। पहले अभिलेख में पशुबलि की निंदा, दसवे में ख्याति व गौरव की निंदा, ग्यारहवें में धम्म नीति की व्याख्या तथा चैदहवें में जनता को धार्मिक जीवन जीने के लिए प्रेरित करने का उल्लेख है।
14. (स) मृच्छकटिकम के रचयिता शुद्रक, मुद्राराक्षस के रचयिता विशाखदत्त, हर्षचरित के रचयिता बाणभट्ट थे। बुद्धचरित नामक ग्रन्थ की रचना अश्वघोष ने की थी।
15. (द) निम्नलिखित का भारत में आने का सही कालानुक्रम इस प्रकार है- नगर संस्कृति, लोहे का हल, आहत मुद्रा, सोने के सिक्के। नगर संस्कृति → (हड़प्पा युग में)
लोहे का हल → (उत्तर वैदिक युग में)
आहत मुद्रा चांदी के सिक्के → (बुद्ध युग में)
सोने के सिक्के → (मौर्योत्तर युग में)
16. (अ) अशोक के अभिलेख लोगों के बीच सामाजिक सामन्जस्य पर बल देते हैं जिसने समानता व निष्पक्षता का संदेश दिया धर्म के प्रोत्साहन का नहीं।
17. (स) निम्नलिखित का सही सुमेलन इस प्रकार है –
प्राचीन गोदी क्षेत्र → लोथल
बुद्ध का प्रथम धर्मोपदेश → सारनाथ
अशोक का सिंह स्तम्भ शीर्ष → सारनाथ
बोद्ध अधिगम का महान पीठ → नालन्दा
18. (अ) अशोक के सोहगौरा तथा महास्थान अभिलेखों से पता चलता है कि अकाल के संकट के समय राज्य कोषागार से अन्न वितरण
किया गया।
19. (द) बुद्ध ने सांसारिक दुखों से मुक्ति के लिये अष्टांगिक मार्ग की संकल्पना का प्रतिपादन किया, जिसे बुद्ध का मध्यम मार्ग कहा
गया है, जिस पर चलकर निर्वाण की प्राप्ति सम्भव है।
20. (स) दिया गया नक्शा अशोक के शासन के अंतिम समय से सम्बन्धित है। अशोक महान (304-232 ई. पू.) मौर्य राजवंश का भारतीय राजा था। उसने लगभग सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप पर 269 से 232 ई. पूर्व तक शासन किया। उसका शासन विस्तार वर्तमान में पाकिस्तान तक, पश्चिम में अफगानिस्तान तक, वर्तमान बांग्लादेश तक तथा पूर्व में भारतीय राज्य आसाम तक तथा दक्षिण में केरल तथा आंध्र तक था।
21. (स) ईसा की तीसरी शताब्दी में जब हूण आक्रमण से रोमन साम्राज्य
समाप्त हो गया तब भारतीय व्यापारी अधिकाधिक दक्षिण-पूर्व एशियाई व्यापार पर निर्भर हो गये।
22. (स) निम्नलिखित व्यक्तियों के भारत आगमन का सही कालानुक्रम इस प्रकार है- 1. मेगस्थनीज 2. फाह्यान 3. हवेनसांग 4. इत्सिंग।
1. मेगस्थनीज – चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन काल में
2. फाह्यान – चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य के शासन काल में
3. ह्वेनसांग – हर्षवर्द्धन के शासन काल में
4. इत्सिंग – सातवीं सदी में (हर्षवर्द्धन के शासन काल के बाद)
23. (द) ईसा पूर्व छठी शताब्दी में भारत का सर्वाधिक शक्तिशाली नगर राज्य मगध था। मगध का सोलह महाजनपदों के अन्य राज्यों से शक्तिशाली होने का मुख्य कारण वहाँ की भौगोलिक दशाएँ थी। इसके अतिरिक्त सुयोग्य एवं महत्वाकांक्षी राजाओं का नेतृत्व भी मगध के शक्तिशाली होने का एक कारण था।
24. (अ) ईसा पूर्व दूसरी शताब्दी के प्रारम्भ में उत्तरी अफगानिस्तान में स्थापित भारत यूनानी राज्य बैक्ट्रिया था।
25. (स) ‘आर्य‘ शब्द भाषायी समूह का व्यंजक है। आर्यों की भाषा संस्कृ त थी। संस्कृत भारोपीय भाषा परिवार का हिस्सा है। इन्हें भाषा परिवार इसलिए कहा गया क्योंकि आरंभ में उनमें कई शब्द एक जैसे थे। 1500 ई० पू० के आस-पास जब आर्यो ने भारत में प्रवेश किया तो वे एक ही भाषा का प्रयोग करते थे।