भौतिकी का कार्यक्षेत्र एवं विस्तार scope and expansion of physics in hindi

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(scope and expansion of physics) भौतिकी का कार्यक्षेत्र एवं विस्तार : यहाँ हम अध्ययन करेंगे की भौतिक विज्ञान क्या है और इसका विस्तार हमारे दैनिक जीवन में कितना फैला हुआ है तथा इसके विस्तार में हम इसकी विभिन्न शाखाओं के बारे में जानेंगे।

तो सबसे पहले हम बात करते है की भौतिक विज्ञान (भौतिकी) क्या है तथा इसको कैसे परिभाषित करेंगे ?
भौतिकी की परिभाषा : भौतिकी (physics) शब्द ग्रीक भाषा के fusis शब्द से लिया गया है जिसका अभिप्राय होता है प्रकृति या प्राकृतिक।
अत: भौतिक विज्ञान , विज्ञान की ही एक शाखा है जिसमें हम प्रकृति में घटित हो रही विभिन्न प्रकार की घटनाओं का अध्ययन तथा व्याख्या करते है।
हमारे चारों तरफ विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक घटनाएँ घटित हो रही होती है जैसे बारिश होना , बादलो का बनना , तारों का चमकना इत्यादि।  इन जैसी सभी घटनाओं का अध्ययन हम भौतिक विज्ञान में करते है।
दूसरे शब्दों में हम यह भी कह सकते है की भौतिकी , विज्ञान की एक शाखा है जिसमे कणों तथा विभिन्न प्रकार की ऊर्जाओं का अध्ययन व व्याख्या की जाती है तथा इसमें आपस में क्या सम्बन्ध है इसका भी गणितीय अध्ययन किया जाता है।
भौतिक विज्ञान की विभिन्न शाखाओ को प्रमुख रूप से दो भागों में बाँटा गया है –
1. चिरसम्मत भौतिकी (classical physics)
2. आधुनिक भौतिकी (modern physics)

1. चिरसम्मत भौतिकी (classical physics)

भौतिक विज्ञान की वे शाखाएँ जो 20 वीं शताब्दी के प्रारम्भ में अधिक विकसित हुई तथा यह भौतिकी विज्ञान की वह शाखाओं का संग्रह है जो प्राचीन समय से चली आ रही है तथा समय के साथ विकसित होती जा रही है।
चिरसम्मत भौतिकी में मुख्य रूप से निम्न शाखाओं को रखा गया है –
(i) यांत्रिकी (mechanics) : इसमें वस्तुओं पर आरोपित बल तथा इनकी गति का अध्ययन किया जाता है अर्थात वस्तुओं की गतिशील अवस्था तथा साम्यावस्था का अध्ययन इस शाखा में किया जाता है।
(ii) उष्मागतिकी (thermodynamics) : इस शाखा में हम ऊष्मा तथा विभिन्न प्रकार की ऊर्जाओं में आपस में सम्बन्ध आदि का अध्ययन करते है , जैसे ताप देने से वस्तुओं में गतिज ऊर्जा में वृद्धि होना जिससे कुछ वस्तुएं गति करने लगती है।
(iii) विद्युत चुम्बकत्व (electromagnetics) : आवेशित कणों तथा वस्तुओं के मध्य कुछ क्रियाएँ होती है जिससे विभिन्न प्रकार के प्रभाव उत्पन्न होते है जैसे विद्युत , चुम्बकत्व , चुम्बकीय तरंगे आदि।  अत: विद्युत , चुम्बकत्व , चुम्बकीय तरंगे इत्यादि का अध्ययन इस शाखा में किया जाता है।
(iv) ध्वनि विज्ञान (acoustics) : इसमें ध्वनि से सम्बन्धित सभी अध्ययन किया जाता है जैसे ध्वनि कैसे स्थानांतरित होती है , ध्वनी केस्थानान्तरण में जो  तरंगे काम में आती है उनमें क्या क्या गुण होते है अर्थात इसमें ध्वनि के गुणों का भी अध्ययन किया जाता है।
(v) प्रकाशिकी (optics) : भौतिक विज्ञान की इस शाखा में प्रकाश की प्रकृति , इसके गुण और प्रकाश के स्थानान्तरण का अध्ययन किया जाता है।  साथ ही प्रकाश से सम्बन्धित सभी घटनाओं जैसे परावर्तन , अपवर्तन आदि का अध्ययन किया जाता है।  इसके साथ ही प्रकाश से संबंधित उपकरणों का भी अध्ययन इसमें करते है जैसे लेंस , दर्पण आदि।

2. आधुनिक भौतिकी (modern physics)

इस शाखा में कणों तथा ऊर्जा के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है , इसमें बहुत ही छोटे स्केल पर भी इनका अध्ययन आसानी से व स्वच्छता से किया जा सकता है।
इसकी शाखाएँ निम्न है –
(i) आपेक्षिकता (relativity) : जब वस्तुएं बहुत अधिक गति से गतिमान होती है तो इनका अध्ययन इस शाखा के अंतर्गत किया जाता है अर्थात इस शाखा में उन वस्तुओं का अध्ययन किया जाता है जो प्रकाश के वेग के लगभग बराबर गति से गतिमान होते है।
(ii) क्वांटम यांत्रिकी (quantum mechanics) : इसमें बहुत कम ऊर्जा स्तरों का , कण की द्वेत प्रकृति , नए नए सिद्धांत आदि का अध्ययन किया जाता है। अर्थात इसमें उन कणों का अध्ययन किया जाता है जिनमें ऊर्जा बहुत छोटे स्केल पर होती है , इस प्रकार की गणना व अध्ययन इस शाखा के अन्दर ही कर सकते है।
(iii) परमाणु भौतिकी (atomic physics) : इस शाखा में परमाणु के बारे में अध्ययन किया जाता है जैसे परमाणु में इलेक्ट्रान की व्यवस्था , परमाणु की संरचना कैसी होती है तथा परमाणु के क्या क्या गुण होते है , इस प्रकार की जानकारी हमें भौतिकी की इस शाखा में प्राप्त होती है।
(iv) नाभिकीय भौतिकी (nuclear physics) : इस शाखा में परमाणु की नाभिक की व्यवस्था , स्थिति , गुण आदि का अध्ययन किया जाता है।